<
Categories: देश

Who is Pappu Yadav: पप्पू यादव कौन हैं?, करियर, नेटवर्थ, फैमिली, लव स्टोरी और मर्डर केस सहित पूरी जानकारी!

Who is Pappu Yadav: बिहार में बाहुबलियों के बारे में जब भी कोई बात होती है तो उसमें एक नाम जाप सुप्रीमो पप्पू यादव का आता है. आज जो शख्स लोगों के लिए मसीहा है, तो वह कभी बाहुबली के तौर पर चर्चित थे. जानते हैं उनके बारे में बहुत कुछ.

Who is Pappu Yadav: बिहार में बाहुबलियों के बारे में जब भी कोई बात होती है तो उसमें एक नाम जाप सुप्रीमो पप्पू यादव का आता है. आज जो शख्स लोगों के लिए मसीहा है, तो वह कभी बाहुबली के तौर पर चर्चित थे. पप्पू यादव ने ऐसे कई काम किए, जिससे उन्हें जेल की सलाखों के पीछे तक जाना पड़ा. पप्पू यादव ने लगभग 17 साल तक जेल में वक्त गुजारा. आज बिहार के पप्पू यादव के बारे में बताएंगे. 

बिहार की राजनीति में अभी उतार-चढ़ाव बना हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि पूर्णिया से निर्दलीय बिहार सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने उनके घर से 1995 के एक जालसाजी मामले में हाई ड्रामा के बीच गिरफ्तार कर लिया. यह हाई वोल्टेज आधी रात का ड्रामा कोर्ट द्वारा सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बार-बार अनुपस्थित रहने पर जारी किए गए संपत्ति कुर्की वारंट के बाद हुआ. शिकायत में घर के मालिक ने आरोप लगाया कि सांसद ने धोखे से उनकी संपत्ति अपने ऑफिस चलाने के लिए ले ली थी. पुलिस ने पहले सांसद को बताया कि वे कोर्ट के आदेश का पालन करने आए हैं. 

प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

यादव ने पुलिस से कहा कि वह रात में कहीं नहीं जाएंगे और पुलिस अधिकारी से सुबह आने को कहा. इसके बाद हुए हंगामे में बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए. पुलिस के साथ भी कहा-सुनी हुई क्योंकि उन्होंने पुलिस से वारंट दिखाने की मांग की. पूर्णिया के सांसद ने आरोप लगाया कि दीपक नाम का एक इंस्पेक्टर सिविल ड्रेस में कमर में रिवॉल्वर लगाकर आया था. यादव ने कहा कि यह मुझे मारने की साजिश है. मैं रात में कहीं नहीं जाऊंगा. कोर्ट ने मुझे शनिवार को बुलाया था. लोकसभा सत्र खत्म हो गया था और मैं पटना आ गया था. मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं और शनिवार को सुबह 11 बजे कोर्ट में पेश होऊंगा. 

कौन हैं पप्पू यादव?

पप्पू यादव का जन्म 24 दिसंबर 1967 को बिहार के पूर्णिया जिले में हुआ. दरअसल, उनका सही नाम राजेश रंजन है. जमींदार के घर जन्में राजेश रंजन को उनके दादा ने पप्पू कहकर बुलाया और यहीं से उनका नाम पप्पू यादव पड़ गया. वह साल 1990 में निर्दलीय विधायक के तौर पर राजनीति में चुनकर आए थे. यहीं से उनके जीवन में खास मोड़ आया. पप्पू यादव का डर सीमांचल में इस तरह था कि लोग उनका नाम लेने से भी कतराते थे. बाहुबली नेता के तौर पर पहचान बनाने वाले नेता पप्पू यादव का दबदबा बिहार में काफी देखने को मिलता है. उन पर मर्डर, किडनैपिंग, मारपीट, बूथ कैपचरिंग, आर्म्स एक्ट जैसे कई केस विभिन्न थानों में दर्ज हुए. पप्पू यादव को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अजीत सरकार मर्डर केस में 17 साल तक जेल में गुजारना पड़ा था.

जब मर्डर केस में जेल गए

मामला 1998 का है, जब माकपा नेता अजीत सरकार, उनके एक साथी असफुल्ला खान और ड्राइवर पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी गई थी. उस वक्त पप्पू यादव पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद थे और जेल जाने के बाद उनके राजनीतिक सफर पर विराम लगा. 2008 में उन पर हत्या का आरोप साबित हुआ और उम्रकैद हो गई. सजा के बाद उनकी सदस्यता चली गई. वे तिहाड़ जेल में कई सालों तक बंद रहे. इसके बाद पप्पू यादव ने पटना हाई कोर्ट में अपील की थी. तब 2013 में कोर्ट से उन्हें राहत दी और सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया था.

नजेल से बाहर आने के बाद पप्पू यादव ने लोगों में अपने डर को खत्म करने पर जोर दिया और अच्छी छवि बनाने में जुट गए. वे जल्द ही लोगों के मसीहा बन गए और जब भी कोई घटना बिहार में होती है तो पीड़ित से जाकर मिलते हैं. उन्होंने पीड़ितों के लिए आवाज उठाना स्टार्ट कर दिया.तब से वे जनता के प्रिय नेता बने हुए हैं. पप्पू यादव की वर्चस्व की लड़ाई काफी समय से चलती रही. आनंद मोहन अगड़ी जाति और पप्पू पिछड़ी और यादव जाति को लेकर चलते रहे. दोनों के समर्थकों में एक बार जमकर विवाद भी हुआ जिसमें कई लोगों की जानें गई थीं. 

राजनीतिक करियर पर नजर

साल 1990 में विधायक बनने के बाद पप्पू यादव पांच बार लोकसभा सदस्य भी चुने गए. उन्होंने पहली बार 1991 में पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. साल 1996 और 1999 में भी पप्पू यादव पूर्णिया से ही निर्दलीय सांसद बने. इसके बाद साल 2004 में लालू प्रसाद यादव ने उन्हें मधेपुरा से आरजेडी का टिकट दिया था. यहां से वह चौथी बार जीते. साल  2008 में मर्डर केस में उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई और साल 2013 में पटना हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद फिर से राजनीति में सक्रिय हो गए. पप्पू यादव ने पांचवी बार 2014 में आरजेडी के टिकट से मधेपुरा से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. फिर 2015 में वह मोड़ आया जब उन्होंने खुद की पार्टी बनाई. तेजस्वी यादव की बयानबाजी के बाद वह नाराज हो गए और खुद की पार्टी’जन अधिकार पार्टी’ बनाई. हालांकि, साल 2019 में चुनाव लड़ने के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 

Pappu Yadav Net Worth:

राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव को कई मौकों पर लोगों को खुले आम रुपये बांटते देखा गया. इसको लेकर उन्हें कई तरह के विरोधों का सामना भी करना पड़ा. विपक्ष और विरोधी उनकी संपत्ति को लेकर सवाल भी उठाते रहे हैं. जैसे की उनके पास इतना पैसा कहां से आया और कितनी संपत्ति है? इसका जवाब उन्होंने ‘हलफनामे’ में नहीं दिया. पूर्णिया लोकसभा सीट से पर्चा दाखिल में उन्‍होंने 1.62 करोड़ की संपत्ति की जानकारी दी थी. हालांकि, उनकी पत्‍नी रंजीत रंजन को उनसे ज्‍यादा अमीर बताया जाता हैं. रंजीत के पास जानकारी के अनुसार, 7.78 करोड़ की संपत्ति है. इसके अलावा उनके पास ज्वेलरी, गाड़ियां और अन्य संपत्तियां भी हैं.

फैमिली के बारे में

कहते हैं हर इंसान के दिल का तार एक दिन बजने ही लगता है, फिर चाहे वह कितना बड़ा डॉन ही क्यों न हो? पप्पू यादव ने अपनी आत्मकथा ‘द्रोहकाल का पथिक’ में उनकी लव स्टोरी को लेकर बताया. रंजीत से लेकर उनका परिवार पप्पू यादव को अपनाने को तैयार नहीं था. टेंशन में पप्पू यादव ने नींद की ढेरों गोलियां खाकर जान तक देने की कोशिश की थी. फरवरी 1992 से शुरू हुई यह लव स्टोरी अपने अंजाम शादी तक 1994 में पहुंची थी. पप्पू यादव ने कई बार अपनी पत्नी की तारीफ करते हुए उनकी लव मैरिज के बारे में बात की. परिवार में पत्नी रंजीत रंजन के अलावा एक बेटी  प्रकृति रंजन है औऱ वह दिल्ली में रहकर पढ़ रही हैं. एक बेटा सार्थक रंजन है, जो क्रिकेट अंडर 19 में उपकप्तान भी रह चुके हैं. सार्थक क्रिकेट से जुड़ा है. रणजी ट्रॉफी में अन्य प्लेयर को साइड कर, उनके चयन को लेकर सवाल उठते रहे हैं.

Recent Posts

50 लाख की सुपारी, 67 गोलियां और बिछ गई 4 लाशें…  9 साल बाद क्यों बंद हो गया धनबाद का बहुचर्चित हत्याकांड केस

Neeraj Singh Murder: सालों बाद, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का मामला, एक…

Last Updated: May 19, 2026 23:48:57 IST

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा, नक्सलवाद लड़ाई खत्म करने में सुरक्षाबलों की जीत बताई

Amit Shah Press Conference: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे…

Last Updated: May 19, 2026 21:37:28 IST

Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: किसके फीचर्स दमदार, कौन है सेगमेंट की बेस्ट और वैल्यू फॉर मनी कार

Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: को लेकर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में…

Last Updated: May 19, 2026 20:51:10 IST

Yamaha NMax 155 vs TVS Orbiter में से कौन सा इलेक्ट्रिक स्कूटर बैठेगा बजट में फिट, किसमें मिलेगी ज्यादा दमदार पावर

चलिए जानते हैं दोनों स्कूटरों के बीच अंतर और आपके लिए कौन सा ज्यादा किफायती…

Last Updated: May 19, 2026 20:48:16 IST

Silver Price Today 19 May 2026: क्या हैं शहरों में चांदी के ताजा रेट्स, फटाफट करें नोट

Silver Price Today 19 May 2026: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव…

Last Updated: May 19, 2026 20:30:06 IST

Gold Price Today 19 May 2026: सोने की कीमतों में गिरावट जारी, जानिये अपने शहरों के ताजा रेट्स

Gold Price Today 19 May 2026 : मंगलवार (19 मई, 2026) को भी सोने की…

Last Updated: May 19, 2026 18:20:50 IST