<
Categories: देश

कौन हैं आर के सिंह? जिनके एक्शन से अडवाणी हुए थे गिरफ्तार, राजनीति से दूरी बना चुनी सुप्रीम कोर्ट में वकालत

RK Singh: आर.के. सिंह जिन्हें देश की नौकरशाही और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त है, अब अपने करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने घोषणा की है कि वे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य बन गए हैं और अब सुप्रीम कोर्ट में वकालत करेंगे.

RK Singh Supreme Court Lawyer: राज कुमार सिंह (आर.के. सिंह), जिन्हें देश की नौकरशाही और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त है, अब अपने करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने घोषणा की है कि वे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य बन गए हैं और अब सुप्रीम कोर्ट में वकालत करेंगे.
इस निर्णय के साथ, आर.के. सिंह ने एक संदेश भी दिया. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि आर के सिंह कौन हैं उनका नेटवर्थ क्या है और उनके खिलाफ कौन-कौन से विवाद हैं.

आर.के. सिंह ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

आर.के. सिंह ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट साझा कर लिखा कि मैं सुप्रीम कोर्ट बार का सदस्य बन गया हूं. मैं हमारे लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करूंगा. दूसरे शब्दों में, उनका इरादा लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ने का है.


कौन हैं आर के सिंह?

आर.के. सिंह 1975 बैच के IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने केंद्रीय गृह सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद और आतंकवाद से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को संभाला. देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में, विशेष रूप से 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद, उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र सरकार की रणनीतियों को लागू करने और संबंधित राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाई.
 

जब आर के सिंह ने किया था आडवाणी के गिरफ्तार

एक नौकरशाह के रूप में, उन्होंने बिहार के कई जिलों में अपनी सेवाएं दीं. हालांकि, उनके कार्यकाल को सबसे अधिक तब सुर्खियां मिलीं, जब वे समस्तीपुर के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत थे; 1990 के दशक में उनकी तैनाती वहीं थी. उन्होंने एक ऐसे अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई, जो किसी भी प्रकार की कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करते थे और ईमानदारी की मिसाल थे. यह वही दौर था, जब लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा जो गुजरात के सोमनाथ से शुरू हुई थी बिहार पहुंची. 
 
लालू प्रसाद यादव ने इस रथ यात्रा को एक ऐसी पहल करार दिया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द को खतरा उत्पन्न हो सकता था. उन्होंने कड़ी चेतावनी जारी की कि वे आडवाणी के जुलूस को बिहार की सीमा के भीतर और आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देंगे. परिणामस्वरूप, जैसे ही आडवाणी राज्य में पहुंचे, उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए गए. इस निर्देश को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी आर.के. सिंह पर आ पड़ी, जो उस समय समस्तीपुर के जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थे. आदेश का पूरी निष्ठा और तत्परता से पालन करते हुए, आर.के. सिंह आगे बढ़े और आडवाणी को गिरफ़्तार कर लिया.
 

आर के सिंह की राजनीति में भी एक मज़बूत उपस्थिति

सिविल सेवाओं से रिटायर होने के बाद, आर.के. सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. 2014 में, उन्होंने बिहार के आरा लोकसभा क्षेत्र से संसदीय चुनाव सफलतापूर्वक लड़ा और भारतीय संसद में अपनी जगह बनाई. 2019 में, वे एक बार फिर आरा से विजयी हुए और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखीं. नरेंद्र मोदी सरकार में, उन्हें बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का प्रभार सौंपा गया था. उनके कार्यकाल के दौरान, ग्रामीण विद्युतीकरण और बिजली क्षेत्र में सुधारों को लेकर कई बड़े फ़ैसले लिए गए.
 

आर के सिंह का पार्टी से मतभेद 

हाल के वर्षों में, उनके और BJP नेतृत्व के बीच वैचारिक मतभेद भी सामने आए हैं. नतीजतन, उन्होंने अब सक्रिय राजनीति से दूर हटने और कानूनी क्षेत्र में लौटने का फ़ैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने का आर.के. सिंह का फ़ैसला महज़ एक करियर बदलाव के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक बयान के तौर पर भी देखा जा रहा है. प्रशासन, राजनीति और अब न्यायपालिका इन तीन अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले सिंह, संवैधानिक मामलों पर अपनी मज़बूत पकड़ का लाभ उठाते हुए, अदालतों में एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.
 

आर. के. सिंह का फैमिली बैकग्राउंड और नेटवर्थ

आर.के. सिंह बिहार के सुपौल में के रहने वाले हैं. वह एक राजपूत परिवार में जन्में है. उनका विवाह शीला सिंह से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी है. R.K. सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव के अपने हलफनामे में ₹10.49 करोड़ से ज़्यादा की चल और अचल संपत्ति घोषित की थीं, इसके अलावा उनकी पत्नी के पास ₹1.83 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति है. 

Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

Recent Posts

Azam Khan Arrested: जेल से बाहर आते ही फिर गिरफ्तार आजम खां, 15 गाड़ियों का काफिला, 50 CRPF जवानों के साथ पहुंची ED

Azam Khan Into ED Custody: जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से रिहा होते ही…

Last Updated: October 31, 2026 19:42:07 IST

Shraddha Kapoor की ‘ईठा’ पर डायरेक्टर का बड़ा खुलासा, बोले- विठाबाई की जिंदगी पर आधारित नहीं है फिल्म

Shraddha kapoor eetha film: श्रद्धा कपूर की आगामी फिल्म ‘ईठा’ को लेकर निर्देशक लक्ष्मण उतेकर…

Last Updated: October 31, 2026 19:26:55 IST

Bhopal fraud case: बेटे को वश में करने के नाम पर ठगे एक करोड़! तंत्र-मंत्र के जाल में ऐसे फंसा पूरा परिवार

Bhopal fraud case: भोपाल के साकेत नगर में तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर एक…

Last Updated: October 31, 2026 19:17:41 IST

Who is Nidhi Razdan: कौन हैं निधि राजदान? CM उमर अब्दुल्ला की बनीं दूसरी बेगम; जानें करियर, शिक्षा और निजी जिंदगी से लेकर सबकुछ

Who is Nidhi Razdan: उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान की शादी की खबर चर्चा…

Last Updated: October 31, 2026 18:23:44 IST