<
Categories: Educationदेश

Who is Thanya Nathan: कौन हैं तान्या नाथन? कैसे बनीं देश की पहली नेत्रहीन जज; भावुक कर देगी ये कहानी!

Thanya Nathan: आंखों में रोशनी नहीं, फिर भी रच दिया इतिहास! जानें कौन हैं तान्या नाथन, जिन्होंने अपनी जिद से नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया और बन गईं देश के लिए एक बड़ी मिसाल...

कौन हैं तान्या नाथन: अगर इरादे मज़बूत हों, तो तमाम मुश्किलों के बावजूद कामयाबी मिलकर रहती है. उड़ान भरने के लिए पंख नहीं हिम्मत ही काफी है.और इसे सही साबित करके दिखाया है केरल की नेत्रहीन स्टूडेंट तान्या नाथन ने, अपनी दिव्यांगता के बावजूद, उन्होंने दिव्यांग कैटेगरी में सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) की परीक्षा में टॉप किया है. वह संभवतः देश की पहली नेत्रहीन जज होंगी। केरल हाई कोर्ट ने सिलेक्शन लिस्ट राज्य सरकार को भेज दी है, जो अब अपॉइंटमेंट ऑर्डर जारी करेगी. तान्या नाथन, जो 100% देख नहीं सकतीं, उन्होंने न सिर्फ़ सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) की परीक्षा पास की और दिव्यांग कैटेगरी में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि सीमाएं शरीर में नहीं बल्कि मन में होती हैं. उनकी सफलता देश के न्याय सिस्टम को एक मज़बूत संदेश देती है कि काबिलियत को दिव्यांगता से नहीं आंका जाना चाहिए. आइये जानते हैं कौन हैं तान्या नाथन...

तान्या नाथन कौन हैं?

तान्या नाथन केरल के कन्नूर में रहती हैं. वह जन्म से ही अंधी हैं. उन्हें कानून के क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी है, और अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने कन्नूर यूनिवर्सिटी से LLB की डिग्री हासिल की. ​​उन्होंने नेत्रहीनों के लिए ब्रेल में पढ़ाई की और फर्स्ट-क्लास डिग्री के साथ ग्रेजुएशन किया. इसके बाद, उन्होंने कन्नूर के थालीपरम्बा में एक वकील के साथ जूनियर वकील के तौर पर काम किया.

पढ़ाई से प्रैक्टिस तक का सफ़र

तान्या नाथन ने केरल की कन्नूर यूनिवर्सिटी से LLB की पढ़ाई पूरी की, और यूनिवर्सिटी में पहला स्थान हासिल किया. अपनी लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने सीधे लॉ का एग्जाम नहीं दिया, बल्कि कन्नूर जिले के तलिपरम्बा में वकील के तौर पर प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया. कोर्ट में काम करते हुए, उन्हें ज्यूडिशियल प्रोसेस की गहरी समझ मिली, जिसने बाद में जज बनने के उनके फैसले को और मज़बूत किया. सिविल जज एग्जाम में दिव्यांग लोगों की लिस्ट में टॉप करना न सिर्फ थान्या के लिए एक पर्सनल जीत थी, बल्कि पूरे दिव्यांग समुदाय के लिए उम्मीद की एक किरण भी थी। यह सफलता ऐसे समय में मिली जब देश में ज्यूडिशियल सर्विसेज़ में दिव्यांग लोगों की भागीदारी को लेकर एक गंभीर बहस चल रही थी.

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने रास्ता बनाया

तान्या नाथन की यह उपलब्धि सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद आई है. मार्च 2025 में, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन की बेंच ने साफ तौर पर कहा कि दृष्टिबाधित उम्मीदवार भारत की ज्यूडिशियल सर्विसेज़ में नियुक्ति के लिए पूरी तरह से योग्य हैं. यह फैसला उन याचिकाओं पर आया, जिनमें कुछ राज्यों में ज्यूडिशियल सर्विसेज़ में दिव्यांग लोगों के लिए रिज़र्वेशन और मौकों की कमी का मुद्दा उठाया गया था.

भेदभाव के खिलाफ एक कड़ा संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी कैंडिडेट को सिर्फ उसकी डिसेबिलिटी के आधार पर मौका देने से मना नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने राज्यों को ज्यूडिशियल सर्विसेज़ में एक इनक्लूसिव और सपोर्टिव फ्रेमवर्क बनाने का निर्देश दिया ताकि डिसेबिलिटी वाले कैंडिडेट बिना किसी भेदभाव के अपनी ड्यूटी कर सकें. तान्या नाथन की सफलता सिर्फ एक एग्जाम रिजल्ट नहीं है, बल्कि उस सोच के लिए एक चुनौती है जो अभी भी डिसेबिलिटी को एक कमी मानती है. उनका सफर दिखाता है कि सही मौका, एक सेंसिटिव सिस्टम और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ, कोई भी रुकावट किसी को रोक नहीं सकती. केरल की पहली ब्लाइंड जज के तौर पर, थान्या नाथन अब उन हजारों युवाओं के लिए इंस्पिरेशन हैं जो सपने देखते हैं लेकिन समाज की सीमाओं के कारण पीछे रह जाते हैं. उनका संदेश साफ है: इंसाफ ब्लाइंड नहीं, बल्कि इनक्लूसिव होना चाहिए. 

Shivani Singh

नमस्ते, मैं हूँ शिवानी सिंह. पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के सफर में हूं और वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में सब-एडिटर के तौर पर अपनी भूमिका निभा रही हूं. मेरा मानना है कि हर खबर के पीछे एक कहानी होती है और उसे सही ढंग से कहना ही एक पत्रकार की असली जीत है. chakdecricket, Bihari News, 'InKhabar' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सब-एडिटर और एंकर की भूमिका निभाने के बाद, अब मैं अपनी लेखनी के जरिए आप तक पॉलिटिक्स, क्रिकेट और बॉलीवुड की बड़ी खबरों को डिकोड करती हूं. मेरा उद्देश्य जटिल से जटिल मुद्दे को भी सहज और सरल भाषा में आप तक पहुंचाना है.

Recent Posts

एंटरटेनमेंट या टॉर्चर? Rakhi Sawant ने खुद को घोषित किया ‘खुजली देवी’ गोल्डन नागिन ड्रेस में काटा गदर!

राखी सावंत ने गोल्डन नागिन की ड्रेस और क्राउन पहनकर खुद को 'खुजली देवी' बताया…

Last Updated: February 10, 2026 16:10:21 IST

‘गिर गया हूं…’, आलसी लोगों का ‘एंथम’ गीत सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

हाल ही में एक महिला ने 'गिर गया हूं' पर मजेदार एंथम बनाकर आलसी लोगों…

Last Updated: February 10, 2026 16:01:48 IST

चेस्ट इंफेक्शन कितना खतरनाक? जिसकी वजह से शरद पवार को हॉस्पिटल में कराना पड़ा भर्ती, जानिए बढ़ती उम्र के जोखिम

Sharad Pawar chest infection: पिछले दिनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) प्रमुख शरद पवार की तबीयत…

Last Updated: February 10, 2026 15:57:55 IST

एलन मस्क की स्टारलिंक और गुजरात सरकार के बीच हुआ अहम समझौता, मिलेगा हाई स्पीड इंटरनेट!

Starlink: स्टारलिंक और गुजरात सरकार के बीच समझौता हुआ है. इसका उद्देश्य राज्य के दूरस्थ,…

Last Updated: February 10, 2026 15:54:53 IST

‘अकेले नहीं हैं…’, मुश्किल दौर से गुजर रहे राजपाल यादव को मिला सोनू सूद और तेज प्रताप का साथ

राजपाल यादव आर्थिक संकट: एक्टर राजपाल यादव इस वक्त आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिसे…

Last Updated: February 10, 2026 15:54:27 IST

PSEB 10th Admit Card 2026 को कैसे करें डाउनलोड, यहां जानें एक-एक स्टेप

पंजाब बोर्ड (Punjab Board) ने 10वीं के एडमिट कार्ड (10th Admit Card) जारी कर दिए…

Last Updated: February 10, 2026 15:48:44 IST