Owl Smuggling on Diwali: दिवाली के दिन भी लोग अंधविश्वास करने से बाज नहीं आते, इस पवित्र दिन कुछ लोग उल्लू की तस्करी करते है, इसकी वजह भी काफी रोमाचक है, आइए विस्तार से जाने.
Owl Smuggling Case increased on Diwali
भारत में उल्लू को माता लक्ष्मी का वाहन माना जाता है और इसी मान्यता के कारण कई लोग इसे ‘धन और भाग्य’ से जोड़ते हैं. अंधविश्वास के चलते यह मान लिया गया है कि दिवाली की रात उल्लू की बलि देने या उसके अंगों का प्रयोग करने से धन की प्राप्ति होती है. यही सोच इन मासूम पक्षियों के लिए जानलेवा साबित होती है.
वेद, पुराण और किसी भी धार्मिक शास्त्र में उल्लू की बलि या उसकी हत्या का कोई आधार नहीं है. बल्लभगढ़ के महंत स्वामी कामेश्वरानंद वेदांताचार्य स्पष्ट रूप से कहते हैं कि उल्लू की बलि देना किसी शास्त्र या धर्म का हिस्सा नहीं है. यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और अंधविश्वास पर आधारित प्रथा है। धर्म में किसी भी जीव की हत्या करना निषिद्ध माना गया है.
कुछ तांत्रिक उल्लू के मांस, नाखून, पंख और आंखों का प्रयोग अपने अनुष्ठानों में करते हैं. कई बार दुकानों और दफ्तरों में इन्हें चिपकाकर लोग आर्थिक उन्नति की उम्मीद करते हैं. यह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि जीवों के प्रति अमानवीयता की पराकाष्ठा भी है.
उल्लू न केवल पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि कीटों और चूहों की संख्या को नियंत्रित करके कृषि में मदद करता है. इनकी घटती संख्या पर्यावरण के संतुलन के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है. प्रत्येक जीव को जीने का अधिकार है और किसी भी धार्मिक आस्था के नाम पर उसे मारना नैतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से गलत है.
Research: व्यायाम न सिर्फ शरीर बल्कि यह दिमाग के लिए भी फायदेमंद होता है, शोध…
T20 WC Super 8 Points Table: वेस्टइंडीज ने सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे…
Bharti Airtel Share Price: भारती एयरटेल लिमिटेड के शेयर मंगलवार को शुरुआती कारोबार में नीचे…
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को मनाई…
T20 World Cup 2026: वेस्टइंडीज की जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत का मतलब है कि भारत…
WI vs ZIM: वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे के मैच में कई बड़े रिकॉर्ड बने. वेस्टइंडीज ने…