लंदन में टावर ऑफ लंदन के पास रॉयल मिंट कोर्ट साइट पर चीनी दूतावास बनाया जाएगा. इसको लेकर प्रस्तावित नक्शा सामने आया. इससे पता चला कि चीन अपने इस दूतावास में 208 गुप्त कमरे बनाए जा सकते हैं.
Chinese Embassy in London
Chinese Mega Embassy: अमेरिका ने लंदन में टावर ऑफ लंदन के पास रॉयल मिंट कोर्ट साइट पर बनने वाले चीन के मेगा दूतावास को लेकर खतरे की घटी बजा दी है. 2018 में चीन ने ये साइट खरीदी और अब यहां पर यूरोप का सबसे बड़ा दूतावास बनाने की तैयारी कर रहा है. लगभग 22000 वर्ग मीटर में फैले इस चीनी दूतावास में ऑफिस बनाने के साथ ही रेजिडेंस जैसी तमाम सुविधाएं होंगी. इस दूतावास में ऐसी चीजें तो बनाई ही जा रही हैं, जो लोगों को नजर आएंगी. साथ ही कुछ ऐसी चीजें भी बनाई जा रही हैं, जो सीक्रेट होंगी.
दूतावास की इस बिल्डिंग में कथित तौर पर 208 गुप्त कमरे बनाने की तैयारी भी की जा रही है. हालांकि चीन की इस प्लानिंग ने लंदन और अमेरिका दोनों को चौकन्ना कर दिया है. बीच लंदन में बन रहे इस दूतावास का विरोध किया जा रहा है. लंदन के स्थानीय निवासी टावर हैमलेट्स काउंसिल और ब्रिटिश सांसद इस दूतावास के बनने का विरोध कर रहे हैं.
विरोध करने वालों को आशंका है कि चीन का ये दूतावास बनने से ट्रैफिक, सुरक्षा और जासूसी जैसी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. 2022 में काउंसिल ने इस प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर दिया था लेकिन 2025 को एक बार फिर लेबर सरकार ने इसे राष्ट्रीय महत्व बताकर इसकी मंजूरी पर विचार किया. इसके बाद इसे मंजूरी दे दी गई.
अमेरिकी अखबार द टेलीग्राफ ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि लेबर पार्टी ने व्हाइट हाउस लंदन में चीनी दूतावास को मंजूरी दे दी. लेबर पार्टी की ये योजना बेहद चिंतित करने वाली है. कहा जा रहा है कि इस दूतावास की बिल्डिंग में सेंसिटिव केबल्स से कुछ मीटर की दूरी पर एक सीक्रेट बेसमेंट शामिल है.
एम्बेसी के नक्शे को देखकर पता चलता है कि इस दूतावास में एक खूफिया चैंबर बनाया जा सकता है, जो सीधे फाइबर-ऑप्टिक केबल्स के बगल में होगा. ये फाइबर ऑप्टिक केबल्स लंदन शहर को फाइनेंशियल डेटा भेजता है. इसके साथ ही इंटरनेट यूज़र्स के लिए ईमेल और मैसेजिंग ट्रैफिक भी भेजता है.
चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स में बताया गया कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के एक सीनियर अधिकारी ने इस बात का डर जताया है कि चीन UK के जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का गलत इस्तेमाल कर सकता है. ये बात ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में द टेलीग्राफ में खबर छापी गई कि सेंट्रल लंदन में पुराने रॉयल मिंट की जगह पर रहे दूतावास के प्रस्तावित नक्शे में 208 खूफिया कमरे दिखाए गए हैं. हालांकि चीन ने इन खूफिया कमरों के बारे में कोई भी बयान जारी नहीं किया है. उन्होंने न ही इसका समर्थन किया है और न ही खंडन किया है.
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