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‘सीधे दिल में मारी जा रही गोली’, अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत; ट्रंप कब करेंगे ईरान पर हमला?

Iran Protest: ईरान में हालात बद से बदतर होते जा रहा है. विरोध प्रर्दशन रुकना का नाम नहीं ले रहा है. ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स का कहना है कि ये प्रोटेस्ट सालों में सबसे बड़े हैं और सरकार इन्हें दबाने के लिए "मास किलिंग" का सहारा ले रही है.

Iran Protest: ईरान में हालात बद से बदतर होते जा रहा है. विरोध प्रर्दशन रुकना का नाम नहीं ले रहा है. ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स का कहना है कि ये प्रोटेस्ट सालों में सबसे बड़े हैं और सरकार इन्हें दबाने के लिए “मास किलिंग” का सहारा ले रही है. वहीं ईरान सरकार देश में लगातार सख्ती बढ़ाती जा रही है. देश में इंटरनेट बंद कर दिया है. मौत के आकड़े छिपाए जा रहे है. इसके बाद भी कम से कम 538 मौतों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर जल्द हमले की बात कर रहे हैं. वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने हमले की हालम में जवाबी कार्वाही करने की बात कही है. तो चलिए जानते हैं कि इरान में अभी तक क्या-क्या हुआ है.

कितने लोगों की हुई मौत?

बीबीसी ने तेहरान के पास एक मुर्दाघर से फुटेज में लगभग 180 बॉडी बैग गिने हैं. US-बेस्ड ह्यूमन राइट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि उसने ईरान में 495 प्रोटेस्टर्स और 48 सिक्योरिटी वालों की मौत की पुष्टि की है. नॉर्वे-बेस्ड NGO ईरान ह्यूमन राइट्स ने कहा, “अनवेरिफाइड रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कम से कम कई सौ और कुछ सोर्स के अनुसार 2000 से ज़्यादा लोग मारे गए होंगे.” 

इंटरनेट शटडाउन

ईरान में इंटरनेट शटडाउन और फोन लाइनें कटने से विरोध प्रदर्शनों की हद और मौतों की संख्या का सही अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो गया है. ईरानी सरकार ने अभी तक मरने वालों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है.

क्या अमेरिका करेगा ईरान पर हमला?

अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है. अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी सरकार अपने विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ़ हिंसक कार्रवाई करती है तो अमेरिका की मिसाइल हमले करने के लिए तैयार है. ईरान के हालात के बारे में अमेरिका प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा है, “ऐसा लगता है कि एक लाइन पार हो गई है.कुछ लोग जिन्हें नहीं मारा जाना चाहिए था, वे मारे गए हैं.अगर आप नेताओं की बात करते हैं, तो मुझे नहीं पता कि वे नेता हैं या वे सिर्फ़ हिंसा से राज करते हैं,लेकिन हम और मिलिट्री इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं, और हम कुछ बहुत मज़बूत ऑप्शन पर विचार कर रहे हैं.”

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ट्रंप को उनकी टीम मंगलवार को मिलिट्री हमले, छिपे हुए साइबर हथियारों का इस्तेमाल, बढ़े हुए बैन और ईरानी सरकार का विरोध करने वाले सोर्स को ऑनलाइन सपोर्ट देने जैसे ऑप्शन के बारे में बताएगी. ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर ने चेतावनी दी कि अगर US ने हमला किया, तो ईरान इस इलाके में इजराइली और US मिलिट्री और शिपिंग सुविधाओं को निशाना बनाएगा.

खामेनेई के शासन को खत्म करने की मांग

बढ़ती महंगाई को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के धार्मिक शासन को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरान की करेंसी, रियाल के कमजोर होने के साथ शुरू हुए थे. 1 डॉलर की कीमत 1.4 मिलियन रियाल से ज़्यादा हो गई है, क्योंकि देश की इकॉनमी को उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर लगाए गए इंटरनेशनल बैन से झटका लगा है.

हिंसक होता जा रहा है विद्रोह

ईरान का पब्लिक विद्रोह हिंसक होता जा रहा है. ईरान के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को “अल्लाह का दुश्मन” माना जाएगा. खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को ट्रंप को खुश करने की कोशिश कर रहे बदमाशों का झुंड बताया है. रविवार को ईरानी सरकार ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरानी राष्ट्रीय लड़ाई में मारे गए शहीदों के लिए तीन दिन के शोक की घोषणा की.

 ईरान के हटाए गए शाह के बेटे रेजा पहलवी (क्राउन प्रिंस) ने ईरान के मिलिट्री और सरकारी कर्मचारियों से रविवार को पब्लिक विरोध आंदोलन में शामिल होने की अपील की. अमेरिका में देश निकाला झेल रहे पहलवी ने कहा “सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों के साथ-साथ हथियारबंद और सुरक्षा बलों के सदस्यों के पास एक चॉइस है. लोगों के साथ खड़े हों और देश के साथी बनें या लोगों के हत्यारों से हाथ मिला लें.”

‘सिधे दिल में मारी गई गोली’

ईरान के कई अस्पतालों के स्टाफ ने बीबीसी को बताया है कि हाल के दिनों में वे मरे हुए या घायल प्रदर्शनकारियों से बहुत ज़्यादा परेशान हो गए हैं. बीबीसी पर्शियन ने कन्फर्म किया कि शुक्रवार रात को रश्त शहर के सिर्फ़ एक अस्पताल में 70 लाशें लाई गईं, जबकि तेहरान के एक अस्पताल के हेल्थ वर्कर ने बीबीसी को बताया कि लगभग 38 लोग मारे गए हैं. नौजवानों को सीधे सिर में यहां तक कि दिल में भी गोली मारी गई है. उनमें से कई तो अस्पताल भी नहीं पहुंच पाए.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

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