Iran-US Talks in Islamabad: अमेरिका-ईरान के बीच हुई बातचीत को लेकर US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स ने कहा कि हम ऐसी परिस्थिति में नहीं पहुंच पाए हैं, जहां ईरानी हमारी शर्तें मानने को तैयार हों. मुझे लगता है कि हम काफी फ्लेक्सिबल थे, हम काफी एडजस्टिंग थे.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
Iran-US Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से टेंशन बढ़ने की संभावना है. दरअसल, ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद पाकिस्तान में एक बैठक हुई. इस बैठक में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर 20 घंटे से भी ज्यादा समय तक बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला. इसे लेकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि इस्लामाबाद में 20 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद भी ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो पाया.
रविवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में US वाइस प्रेसिडेंट ने कहा, “बातचीत में जो भी कमियां थीं, वे पाकिस्तान की वजह से नहीं थीं, उन्होंने बहुत अच्छा काम किया और सच में हमारी और ईरानियों की मदद करने की कोशिश की ताकि वे इस गैप को कम कर सकें और एक डील कर सकें. लेकिन, बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं. मुझे लगता है कि यह अमेरिका से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है. इसलिए, हम बिना किसी समझौते के US वापस जा रहे हैं. उन्होंने हमारी शर्तें न मानने का फैसला किया है.”
वेंस ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत करने वालों ने अपनी स्थिति साफ तौर पर बता दी थी, लेकिन तेहरान ने शर्तें मानने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, “हमने बहुत साफ कर दिया है कि हमारी रेड लाइन क्या हैं, हम किन चीजों पर उन्हें राजी करने को तैयार हैं और किन चीजों पर हम उन्हें राजी नहीं करने को तैयार हैं. हमने इसे जितना हो सके उतना साफ कर दिया है और उन्होंने हमारी शर्तें न मानने का फैसला किया है.”
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका का मुख्य मकसद ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने से रोकना है. उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएंगे और वे ऐसे तरीके नहीं अपनाएंगे जिनसे वे जल्दी न्यूक्लियर हथियार बना सकें.”
उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन तेहरान से लंबे समय का भरोसा चाहता है, न कि कुछ समय के वादे. क्या हम ईरानियों में न्यूक्लियर हथियार न बनाने की इच्छा का कोई बुनियादी वादा देखते हैं, न सिर्फ अभी, न सिर्फ दो साल बाद, बल्कि लंबे समय तक. हमने अभी तक ऐसा नहीं देखा है. हमें उम्मीद है कि हम देखेंगे.”
वेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि हम काफी लचीले थे. हम काफी तालमेल बैठा रहे थे. राष्ट्रपति ने हमसे कहा, आपको यहां अच्छी नीयत से आना होगा और डील करने की पूरी कोशिश करनी होगी. हमने ऐसा किया लेकिन बदकिस्मती से, हम आगे नहीं बढ़ पाए.”
उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रपति से लगातार बात कर रहे थे. मुझे नहीं पता कि हमने उनसे कितनी बार बात की, पिछले 21 घंटों में आधा दर्जन बार, एक दर्जन बार. बातचीत के दौरान अधिकारी पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के संपर्क में रहे.”
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “हम यहां से एक बहुत ही आसान प्रस्ताव, समझने का एक तरीका लेकर जा रहे हैं जो हमारा आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर है. हम देखेंगे.”
वहीं ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका बातचीत समाप्त हो गई है, क्योंकि अमेरिका की बहुत ज्यादा मांगों की वजह से कोई रूपरेखा नहीं बन पाई. होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु अधिकार और दूसरे कई मुद्दे विवाद के बिंदुओं में शामिल हैं.
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