Nepal Earthquake:यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब नेपाल 26 अगस्त को देश में आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद के हालात से जूझ रहा है.सरकार ने इस हफ़्ते इस आपदा के पीड़ितों के लिए सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म कर दिया और अपना ध्यान रिहैबिलिटेशन और रिकंस्ट्रक्शन पर लगा दिया.
नेपाल में 4.1 तीव्रता का आया भूकंप
Earthquake: अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात पश्चिमी नेपाल में 4.1 मैग्नीट्यूड का हल्का भूकंप आया, जिसके झटके आस-पास के कई ज़िलों में महसूस किए गए.नेपाल के नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के मुताबिक, भूकंप लोकल टाइम के हिसाब से रात 9:37 बजे आया, जिसका सेंटर काठमांडू से करीब 750 km पश्चिम में सुदूरपश्चिम प्रांत के बाजुरा ज़िले की बूढ़ीगंगा म्युनिसिपैलिटी-10 में था. बझांग, कालीकोट और अछाम ज़िलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. किसी नुकसान या किसी के हताहत होने की तुरंत कोई खबर नहीं है.
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब नेपाल 26 अगस्त को देश में आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद के हालात से जूझ रहा है.सरकार ने इस हफ़्ते इस आपदा के पीड़ितों के लिए सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म कर दिया और अपना ध्यान रिहैबिलिटेशन और रिकंस्ट्रक्शन पर लगा दिया.
सरकार के नए आंकड़ों के मुताबिक, कम से कम 1,455 लाशें बरामद की गई हैं, जबकि 5,285 लोग अभी भी लापता हैं. लगभग 33,000 लोग प्रभावित हुए और लगभग 7,500 घर खराब हो गए या नष्ट हो गए. सरकार ने अनुमान लगाया है कि इसे फिर से बनाने और ठीक करने में लगभग $4.77 बिलियन का खर्च आएगा.
बाढ़ से सड़कों, पुलों, खेती की ज़मीन और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत नुकसान हुआ है, जिससे अधिकारियों को दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी ठीक करने में मुश्किल हो रही है. UNDP ने अनुमान लगाया है कि लगभग 70 km सड़कें और 80 पुल खराब हुए हैं, जबकि 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और 150 km से ज़्यादा टेलीकम्युनिकेशन फाइबर पर असर पड़ा है.
बाजुरा खुद बाढ़ और लैंडस्लाइड से जुड़े नुकसान से जूझ रहा है. इस महीने की शुरुआत में, जिले के 158 परिवारों को राहत दी गई थी, जिनके घर, खेती की ज़मीन और रोज़ी-रोटी मानसून के दौरान बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित हुए थे.
भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के लगातार टकराव के कारण नेपाल दुनिया के सबसे ज़्यादा भूकंप वाले इलाकों में से एक में है. हिमालयी देश में अलग-अलग तीव्रता के भूकंप अक्सर आते रहते हैं, जो भूकंप जैसी आपदाओं के प्रति इसकी कमज़ोरी को दिखाता है.
नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर ने हाल के महीनों में पश्चिमी नेपाल में कई झटके रिकॉर्ड किए हैं, जिसमें 15 सितंबर को मुगु जिले में 4.2 और 4.5 मैग्नीट्यूड के भूकंप और 8 सितंबर को मुस्तांग में 5.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप शामिल है.
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