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पाकिस्तान की ‘Cycle Ambulance’ बनी वायरल, लोग उड़ा रहे मजाक… लेकिन असली कहानी कुछ और!

Pakistan Cycle Ambulance: सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में चल रही एक "साइकिल एम्बुलेंस" का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है और ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू कर दिया है. कई यूज़र्स इस अनोखी इमरजेंसी गाड़ी को देखकर हैरान थे,

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Last Updated: July 21, 2026 21:14:53 IST

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Pakistan Cycle Ambulance: सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में चल रही एक “साइकिल एम्बुलेंस” का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है और ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू कर दिया है. कई यूज़र्स इस अनोखी इमरजेंसी गाड़ी को देखकर हैरान थे, जबकि दूसरों ने इसकी तुलना दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनाई जा रही एडवांस्ड एम्बुलेंस टेक्नोलॉजी से की. कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि कराची के मेयर बैरिस्टर मुर्तज़ा वहाब ने हाल ही में साइकिल एम्बुलेंस सर्विस शुरू की है. ये दावे तेज़ी से फैलने लगे और यूज़र्स ने इस पहल पर मज़ाकिया कमेंट्स और राय देनी शुरू कर दी. हालांकि, रिपोर्ट्स बताती हैं कि वायरल हो रही कहानी पूरी सच्चाई नहीं दिखाती है.

सोशल मीडिया पोस्ट से ऑनलाइन बहस छिड़ी

यह वीडियो कई प्लेटफ़ॉर्म पर तेज़ी से फैला और यूज़र्स ने इस सर्विस पर तंज़ भरे कमेंट्स किए. एक वायरल X पोस्ट में लिखा था, “पाकिस्तान के कराची में 77 साल के इनोवेशन के बाद आखिरकार एक साइकिल एम्बुलेंस आ ही गई. यह सिर्फ़ आसिम मुनीर की लीडरशिप में ही मुमकिन हो पाया.” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइकिल एम्बुलेंस सर्विस मई 2025 में कराची में ‘रेस्क्यू 1122’ द्वारा एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई थी. यह पहल घनी आबादी वाले इलाकों में काम करने के लिए शुरू की गई थी, जहाँ ट्रैफ़िक जाम और तंग गलियों की वजह से इमरजेंसी गाड़ियों को मरीज़ों तक पहुँचने में अक्सर मुश्किल होती है.

कई इलाकों में शुरू हुई सर्विस 

रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट प्रोग्राम के तहत चुनिंदा इलाकों में साइकिल एम्बुलेंस सर्विस शुरू की गई थी. इन साइकिलों का इस्तेमाल उन इलाकों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए किया जाता है जहाँ आम एम्बुलेंस का तेज़ी से पहुँचना मुश्किल होता है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों का ध्यान फिर से इस पहल की ओर खींचा है और कई यूज़र्स ऐसी पोस्ट शेयर कर रहे हैं जिनमें दावा किया गया है कि यह हाल ही में शुरू की गई सर्विस है. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह प्रोग्राम 2025 से चल रहा है और इसे हाल ही में शुरू नहीं किया गया था.

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Last Updated: July 21, 2026 21:14:53 IST

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Pakistan Cycle Ambulance: सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में चल रही एक “साइकिल एम्बुलेंस” का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है और ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू कर दिया है. कई यूज़र्स इस अनोखी इमरजेंसी गाड़ी को देखकर हैरान थे, जबकि दूसरों ने इसकी तुलना दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनाई जा रही एडवांस्ड एम्बुलेंस टेक्नोलॉजी से की. कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि कराची के मेयर बैरिस्टर मुर्तज़ा वहाब ने हाल ही में साइकिल एम्बुलेंस सर्विस शुरू की है. ये दावे तेज़ी से फैलने लगे और यूज़र्स ने इस पहल पर मज़ाकिया कमेंट्स और राय देनी शुरू कर दी. हालांकि, रिपोर्ट्स बताती हैं कि वायरल हो रही कहानी पूरी सच्चाई नहीं दिखाती है.

सोशल मीडिया पोस्ट से ऑनलाइन बहस छिड़ी

यह वीडियो कई प्लेटफ़ॉर्म पर तेज़ी से फैला और यूज़र्स ने इस सर्विस पर तंज़ भरे कमेंट्स किए. एक वायरल X पोस्ट में लिखा था, “पाकिस्तान के कराची में 77 साल के इनोवेशन के बाद आखिरकार एक साइकिल एम्बुलेंस आ ही गई. यह सिर्फ़ आसिम मुनीर की लीडरशिप में ही मुमकिन हो पाया.” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइकिल एम्बुलेंस सर्विस मई 2025 में कराची में ‘रेस्क्यू 1122’ द्वारा एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई थी. यह पहल घनी आबादी वाले इलाकों में काम करने के लिए शुरू की गई थी, जहाँ ट्रैफ़िक जाम और तंग गलियों की वजह से इमरजेंसी गाड़ियों को मरीज़ों तक पहुँचने में अक्सर मुश्किल होती है.

कई इलाकों में शुरू हुई सर्विस 

रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट प्रोग्राम के तहत चुनिंदा इलाकों में साइकिल एम्बुलेंस सर्विस शुरू की गई थी. इन साइकिलों का इस्तेमाल उन इलाकों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए किया जाता है जहाँ आम एम्बुलेंस का तेज़ी से पहुँचना मुश्किल होता है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों का ध्यान फिर से इस पहल की ओर खींचा है और कई यूज़र्स ऐसी पोस्ट शेयर कर रहे हैं जिनमें दावा किया गया है कि यह हाल ही में शुरू की गई सर्विस है. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह प्रोग्राम 2025 से चल रहा है और इसे हाल ही में शुरू नहीं किया गया था.

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