Child actor Vihaan Shej: फिल्म ‘हनुमान अंश’ अपनी आध्यात्मिक कहानी को लेकर चर्चा में है. संत नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित इस फिल्म में उनके आध्यात्मिक सफर के अलग अलग पहलुओं को पर्दे पर दिखाया गया है. फिल्म में 13 साल के बाल कलाकार विहान शेज ने नीम करोली बाबा के बचपन का किरदार निभाया है. कम उम्र में इस चुनौतीपूर्ण भूमिका को निभाने के कारण विहान भी चर्चा में हैं. उनके किरदार के जरिए कहानी में नीम करोली बाबा के बचपन और उनके शुरुआती वर्षों की झलक दिखाई गई है.
13 साल की उम्र में निभाया नीम करोली बाबा का बचपन
विहान शेज ने ‘हनुमान अंश’ के शुरुआती हिस्से में युवा नीम करोली बाबा की भूमिका निभाई है. उनका किरदार कहानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के जरिए संत के आध्यात्मिक सफर की शुरुआती नींव को दिखाया गया है. 13 साल की उम्र में आध्यात्मिक ड्रामा में इस तरह का किरदार निभाना विहान के अभिनय सफर के लिए भी एक अलग अनुभव रहा. महाराष्ट्र के एक गांव से ताल्लुक रखने वाले विहान को इससे पहले भी अभिनय का अनुभव रहा है. वह मराठी शोज और फिल्म में बाल कलाकार के तौर पर काम कर चुके हैं. ‘हनुमान अंश’ के जरिए उन्हें हिंदी सिनेमा के बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका मिला है.
डायरेक्टर ने कहा था तुम मेरे लकी चार्म हो
BIG FM India से बातचीत में विहान ने बताया कि फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के साथ वह पहले भी एक विज्ञापन में काम कर चुके हैं. यह विज्ञापन चुनाव पर आधारित था और उनके मुताबिक वह काफी वायरल हुआ था. विहान ने बताया कि उनकी एक्टिंग निर्देशक को पसंद आई थी और उन्होंने कहा था कि वह आगे जिस भी प्रोजेक्ट पर काम करेंगे, उसमें विहान को लेने की कोशिश करेंगे. विहान के मुताबिक, विशाल चतुर्वेदी जब उन्हें किसी से मिलवाते थे तो उन्हें अपना ‘लकी चार्म’ कहते थे. इसी पुराने काम के बाद उन्हें ‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा के बचपन का किरदार निभाने का मौका मिला.
‘हनुमान अंश’ के ऑफर पर मिली थी खास बात
विहान ने बताया कि वह हनुमान जी के बड़े भक्त हैं और रोजाना हनुमान चालीसा पढ़ते हैं. उनके मुताबिक, जब विशाल चतुर्वेदी ने उन्हें फिल्म में भूमिका ऑफर की तो उनसे कहा गया था कि उन्हें ध्यान में रहना है और उनके सबसे प्यारे राम जी हैं.विहान का कहना है कि फिल्म मिलने से दो दिन पहले ही उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया था. उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्हें नहीं पता था कि नीम करोली बाबा के अंदर हनुमान अंश की मान्यता जुड़ी हुई है. इसी वजह से वह इस फिल्म को अपने लिए एक ‘चमत्कार’ मानते हैं.बोले फिल्म के बाद बदल गई जिंदगी विहान ने बताया कि ‘हनुमान अंश’ के बाद उनकी जिंदगी में बदलाव आया है. फिल्म के प्रमोशन के लिए जब वह थिएटर गए तो उन्होंने दर्शकों से फिल्म के बारे में बात की. उनके मुताबिक, वहां एक लड़का उनकी तरफ दौड़ता हुआ आया और रोने लगा. बाद में उन्हें पता चला कि वह उनका क्लासमेट था.bविहान ने बताया कि उनके दोस्त अब मजाक में कहते हैं कि वह स्टार बन गए हैं और पूछते हैं कि अब वह उनके साथ रहेंगे भी या नहीं. बाल कलाकार के मुताबिक, फिल्म से जुड़े अनुभव उनके लिए खास रहे हैं.
शूटिंग के दौरान भी महसूस किए ‘चमत्कार’
विहान ने फिल्म की शूटिंग से जुड़े अनुभव भी साझा किए. उनके मुताबिक, सेट पर कई ऐसे अनुभव हुए जिन्हें वह चमत्कार मानते हैं. उन्होंने बताया कि नीम करोली बाबा का किरदार निभाने के दौरान उन्हें पानी में रहना पड़ता था, लेकिन इसके बावजूद वह बीमार नहीं पड़े. विहान का मानना है कि हनुमान चालीसा में बहुत शक्ति है और शूटिंग के दौरान इसे पढ़ने से उन्हें आने वाली मुश्किलों से निपटने में मदद मिली. ये बातें उनकी व्यक्तिगत आस्था और अनुभव के तौर पर सामने आई हैं.