इस्लामाबाद के मशहूर डी-चौक पर हाल ही में ऑटोनॉमस रिमोट-कंट्रोल कार (बिना ड्राइवर के चलने वाली तकनीक) का एक लाइव डेमो दिया गया. हालांकि, इस ट्रायल के दौरान एक हादसा हो गया, जिससे यह पूरा एक्सपेरिमेंट विवादों में आ गया. हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग देश में इस तरह की तकनीक के भविष्य को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं.
कैसे हुआ हादसा?
इस तकनीक को ऐबटाबाद के रहने वाले युवा अहसन जाफर ने तैयार किया है. गाड़ी को किसी दूसरी जगह बैठकर इंटरनेट और सैटेलाइट कनेक्टिविटी के जरिए कंट्रोल किया जा रहा था. प्रदर्शन के दौरान जब पत्रकार (अलीजा) गाड़ी की अगली सीट पर बैठकर इसकी खासियत बता रहे थे, तभी अचानक इंटरनेट कनेक्शन टूट गया.
कार का कंट्रोल खत्म होते ही वह आगे बढ़ने लगी. पत्रकार ने तुरंत हैंडब्रेक खींचकर कार को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन गाड़ी सड़क किनारे खड़ी पुलिस की गाड़ी से जा टकराई.
यह मोमेंट तब और फनी बन गया जब पत्रकार कहता है ‘पाकिस्तान में यकीनी तौर पर टैलेंट की कोई कमी नहीं है’ वैसे ही गाड़ी एक पुलिस की खड़ी गाड़ी को ठोक देती है हालांकि गाड़ी की स्पीड ज्यादा नहीं थी इसलिए इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और यह मोमेंट और फनी बन गया, यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा.
🔴 Pakistan’da bir adam, kendi geliştirdiği sürücüsüz otomobili test ederken polis arabasına çarptı. pic.twitter.com/QSFgD4L1kM
— 3. Dünya Savaşı (@ww3mediaa) August 31, 2026
पत्रकार की सफाई
हादसे के बाद छिड़ी बहस के बीच अलीजा ने सोशल मीडिया पर आकर पूरी बात रखी, उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद किसी युवा की मेहनत को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि देश में बन रही नई तकनीक को लोगों तक पहुंचाना था.
उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि यह हादसा एक खाली जगह पर हुआ. अगर यही तकनीकी खराबी किसी भीड़भाड़ वाली सड़क पर होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था. उन्होंने माना कि अभी इस सिस्टम में बहुत सुधार की जरूरत है और इसे आम सड़कों पर चलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
Behind the scenes…
.. pic.twitter.com/sjaUuONk0B— Sardar Shafqat Ali Khan (@s7600084) August 31, 2026
सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन
वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई यूज़र्स इस हाई-टेक नाकामी पर चुटकी ले रहे हैं और मजेदार कमेंट्स शेयर कर रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे शुरुआती ट्रायल्स में कमियां आती हैं, लेकिन देसी तकनीक को बढ़ावा देने के लिए यह एक अच्छी कोशिश है.