New Continent Discovered: वैज्ञानिकों ने कनाडा और ग्रीनलैंड के बीच नए महाद्वीप का खोज की है. माना जा रहा है कि धरती का 8वां महाद्वीप है, जिसका निर्माण लगभग 33 से 61 मिलियन साल पहले हुआ था.
Scientists Discovered New Continent
New Continent Discovered: वैज्ञानिकों ने उत्तरी अटलांटिक महासागर के नीचे एक ऐसे अज्ञात टुकड़े की खोज की है, जिसने साइंटिस्टों को दुविधा में डाल दिया है. रिसर्चर्स ने ग्रीनलैंड और कनाडा के बीच स्थित ‘डेविस जलडमरूमध्य’ (Davis Strait) के नीचे एक छिपे हुए नए महाद्वीप का खोज की है. इस खोज ने दुनिया के वैज्ञानिकों हैरान कर दिया है. माना जा रहा है कि यह पृथ्वी के टेक्टोनिक प्लेटों के इतिहास को समझने का नजरिया बदल सकता है.इसे वैज्ञानिकों की अब तक की सबसे बड़ी खोज मानी जा रही है.
इस साइंटिफिक खोज के पीछे की टीम ने प्राचीन विवर्तनिक प्लेटों की हलचलों का पुनर्निर्माण किया और ग्रीनलैंड के पश्चिमी तटरेखा के पास डूबी हुई 12 से 15 मील (24.14 किमी) लंबी महाद्वीपीय परत की पहचान की. वैज्ञानिकों ने इसे ‘डेविस स्ट्रेट प्रोटो-माइक्रोकॉन्टिनेंट’ नाम दिया है. यह वास्तव में महाद्वीपीय क्रस्ट (Continental Crust) का एक हिस्सा है, जिसका निर्माण लगभग 33 से 61 मिलियन साल पहले हुआ था.
यह खोज ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ डर्बी और स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने की है. उन्होंने सैटेलाइट ग्रेविटी डेटा और भूकंपीय रिफ्लेक्शन डेटा (Seismic Reflection Data) का उपयोग करके इस क्षेत्र का पूरा नक्शा तैयार किया.
रिसर्च के अनुसार, ग्रीनलैंड और उत्तरी अमेरिका (कनाडा) के बीच करोड़ों साल पहले जब एक-दूसरे से अलग हो रहे थे, उस समय पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों में जबरदस्त हलचल हुई. 61 मिलियन साल पहले ग्रीनलैंड और उत्तरी अमेरिका के बीच दरार (Rifting) शुरू हुई. 58-49 मिलियन साल पहले टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने की दिशा बदल गई, इसकी वजह से महाद्वीपीय क्रस्ट का एक बड़ा हिस्सा टूटकर बीच में ही फंस गया. यह प्रक्रिया 33 मिलियन साल पहले रुक गई, जिसके चलते यह टुकड़ा एक ‘माइक्रोकॉन्टिनेंट’ के रूप में वहीं पर जम गया.
वैज्ञानिकों के लिए यह खोज काफी महत्वपूर्ण है. इस खोज से पता चलता है कि महाद्वीप कैसे टूटते हैं और उनके अवशेष कैसे सुरक्षित रह जाते हैं. वैज्ञानिकों का दावा है कि इस तरह की घटना दुनिया के अन्य हिस्सों में हुई हो सकती है. ऐसे में संभव है कि भविष्य में इस तरह के अन्य महाद्वीपों की खोज हो. वैज्ञानिकों के अनुसार, टेक्टोनिक प्लेटों की सटीक जानकारी से भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं को ज्यादा गहराई से समझने में मदद मिल सकती है.
बता दें कि प्लेट टेक्टोनिक्स वह सिद्धांत है, जो बताता है कि पृथ्वी की सतह कैसे बनी है और यह कैसे बदलती रहती है. यह खोज हमें यह भी समझने में मदद करेगी कि महाद्वीप कैसे अलग हुए और नए महासागर का निर्माण कैसे हुआ.
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