<
Categories: विदेश

ईरान की असली पावर किसके पास? खुलासे के बाद ट्रंप के उड़े होश

Ahmed Wahidi:इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा राउंड तय है लेकिन ईरानी डेलीगेशन का नाम अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक जहाज पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है. IRGC का कहना है कि US ने सीज़फ़ायर तोड़ा है. हम उन्हें सबक सिखाएंगे.

Ahmed Wahidi: सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के अंडरग्राउंड होने के साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तेहरान में पूरी तरह से सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है. तेहरान के तीन बड़े फैसलों ने इस बात को कन्फर्म कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि IRGC के चीफ कमांडर अहमद वहीदी अभी ईरान के असल शासक हैं.

पोस्ट के मुताबिक, सभी बड़े फैसले वहीदी के कहने पर लिए जा रहे हैं. युद्ध से पहले वहीदी IRGC में नंबर-दो की पोजीशन पर थे. मोहम्मद पाकपुर की हत्या के बाद उन्होंने IRGC की कमान संभाली थी.

आखिरी मिनट में बदली डेलीगेशन की लिस्ट

ISW ने पाकिस्तान में हुई पहले राउंड की बातचीत पर एक रिपोर्ट पब्लिश की है. इसमें कहा गया है कि वहीदी के कहने पर बातचीत के लिए ईरानी डेलीगेशन की लिस्ट आखिरी मिनट में बदल दी गई थी. डेलीगेशन में ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी बाघेर कानी को शामिल किया गया था. अब्बास अराघची के अलावा डेलीगेशन में एक भी नरमपंथी नहीं था.

होर्मुज स्ट्रेट खोलने के फैसले पर रोक

17 अप्रैल को पाकिस्तानी और US की बातचीत करने वाली टीमों के साथ मीटिंग के बाद अराघची ने सबके सामने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ऐलान किया, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस फैसले को मानने से मना कर दिया. इसके अलावा IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज ने अराघची की बुराई की. इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट खोलने का फैसला रोक दिया गया.

हमले का बदला लेने का ऐलान

 इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा राउंड तय है लेकिन ईरानी डेलीगेशन का नाम अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक जहाज पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है. IRGC का कहना है कि US ने सीज़फ़ायर तोड़ा है. हम उन्हें सबक सिखाएंगे.

अहमद वाहिदी कौन हैं?

अहमद वाहिदी अभी ईरान के सबसे ताकतवर IRGC के हेड हैं. उनका असली नाम वाहिद शाहचेराघी है. वाहिदी का जन्म 1958 में हुआ था. वह ईरान में शाह पहलवी के खिलाफ़ आंदोलन में शामिल थे. जब 1979 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड बना, तो वह उसमें शामिल हो गए.

वहीदी को ईरान के पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड चीफ कासिम सुलेमानी का करीबी माना जाता था. टॉप कमांडरों की हत्या के बाद वहीदी को IRGCC चीफ बनाया गया.

न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, वहीदी ने ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर ज़ोलगदर के साथ मिलकर एक गठबंधन बनाया है, जिसमें चुनी हुई सरकार और लिबरल नेताओं को पूरी तरह से किनारे कर दिया गया है. अब, ईरान से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में चुनी हुई सरकार की बात नहीं सुनी जा रही है.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

Recent Posts

IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

नई दिल्ली, 19 मई:  युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने…

Last Updated: June 3, 2026 20:22:09 IST

SBS University के छात्र, देश की Top Pharma Companies में

Copmed, Macleods, Intas, Enzene, Akums और 4 और कंपनियों ने SBS University के छात्रों को…

Last Updated: June 3, 2026 20:07:07 IST

UP Politics: अवध में ‘ब्राह्मण कार्ड’ खेलेगी भाजपा? 2027 से पहले सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज

UP Politics: अवध में 'ब्राह्मण कार्ड' की तैयारी में BJP? जानिए क्यों अचानक संगठन में…

Last Updated: June 3, 2026 18:41:28 IST

लॉकरों में बंद 32,000 टन सोने पर सरकार की नजर, PM मोदी की एक अपील कैसे बचाएगी देश के अरबों डॉलर?

Gold News: घरों में रखे 32,000 टन सोने को लेकर पीएम मोदी ने की बड़ी…

Last Updated: June 3, 2026 11:22:47 IST

RCB के 2 खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, IPL मे बनाया ऐसा अनोखा रिकॉर्ड, जो रोहित-धोनी भी नहीं कर पाए

IPL Unique Record: आरसीबी के स्टार बल्लेबाज फिल साल्ट और गेंदबाज सुयश शर्मा ने आईपीएल…

Last Updated: June 2, 2026 13:37:55 IST