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Home > विदेश > ईरान की असली पावर किसके पास? खुलासे के बाद ट्रंप के उड़े होश

ईरान की असली पावर किसके पास? खुलासे के बाद ट्रंप के उड़े होश

Ahmed Wahidi:इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा राउंड तय है लेकिन ईरानी डेलीगेशन का नाम अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक जहाज पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है. IRGC का कहना है कि US ने सीज़फ़ायर तोड़ा है. हम उन्हें सबक सिखाएंगे.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: April 20, 2026 13:06:18 IST

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Ahmed Wahidi: सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के अंडरग्राउंड होने के साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तेहरान में पूरी तरह से सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है. तेहरान के तीन बड़े फैसलों ने इस बात को कन्फर्म कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि IRGC के चीफ कमांडर अहमद वहीदी अभी ईरान के असल शासक हैं.

पोस्ट के मुताबिक, सभी बड़े फैसले वहीदी के कहने पर लिए जा रहे हैं. युद्ध से पहले वहीदी IRGC में नंबर-दो की पोजीशन पर थे. मोहम्मद पाकपुर की हत्या के बाद उन्होंने IRGC की कमान संभाली थी.

आखिरी मिनट में बदली डेलीगेशन की लिस्ट

ISW ने पाकिस्तान में हुई पहले राउंड की बातचीत पर एक रिपोर्ट पब्लिश की है. इसमें कहा गया है कि वहीदी के कहने पर बातचीत के लिए ईरानी डेलीगेशन की लिस्ट आखिरी मिनट में बदल दी गई थी. डेलीगेशन में ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी बाघेर कानी को शामिल किया गया था. अब्बास अराघची के अलावा डेलीगेशन में एक भी नरमपंथी नहीं था.

होर्मुज स्ट्रेट खोलने के फैसले पर रोक

17 अप्रैल को पाकिस्तानी और US की बातचीत करने वाली टीमों के साथ मीटिंग के बाद अराघची ने सबके सामने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ऐलान किया, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस फैसले को मानने से मना कर दिया. इसके अलावा IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज ने अराघची की बुराई की. इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट खोलने का फैसला रोक दिया गया.

हमले का बदला लेने का ऐलान

 इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा राउंड तय है लेकिन ईरानी डेलीगेशन का नाम अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक जहाज पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है. IRGC का कहना है कि US ने सीज़फ़ायर तोड़ा है. हम उन्हें सबक सिखाएंगे.

अहमद वाहिदी कौन हैं?

अहमद वाहिदी अभी ईरान के सबसे ताकतवर IRGC के हेड हैं. उनका असली नाम वाहिद शाहचेराघी है. वाहिदी का जन्म 1958 में हुआ था. वह ईरान में शाह पहलवी के खिलाफ़ आंदोलन में शामिल थे. जब 1979 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड बना, तो वह उसमें शामिल हो गए.

वहीदी को ईरान के पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड चीफ कासिम सुलेमानी का करीबी माना जाता था. टॉप कमांडरों की हत्या के बाद वहीदी को IRGCC चीफ बनाया गया.

न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, वहीदी ने ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर ज़ोलगदर के साथ मिलकर एक गठबंधन बनाया है, जिसमें चुनी हुई सरकार और लिबरल नेताओं को पूरी तरह से किनारे कर दिया गया है. अब, ईरान से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में चुनी हुई सरकार की बात नहीं सुनी जा रही है.

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Last Updated: April 20, 2026 13:06:18 IST

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Ahmed Wahidi: सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के अंडरग्राउंड होने के साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तेहरान में पूरी तरह से सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है. तेहरान के तीन बड़े फैसलों ने इस बात को कन्फर्म कर दिया है. इस बीच, अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि IRGC के चीफ कमांडर अहमद वहीदी अभी ईरान के असल शासक हैं.

पोस्ट के मुताबिक, सभी बड़े फैसले वहीदी के कहने पर लिए जा रहे हैं. युद्ध से पहले वहीदी IRGC में नंबर-दो की पोजीशन पर थे. मोहम्मद पाकपुर की हत्या के बाद उन्होंने IRGC की कमान संभाली थी.

आखिरी मिनट में बदली डेलीगेशन की लिस्ट

ISW ने पाकिस्तान में हुई पहले राउंड की बातचीत पर एक रिपोर्ट पब्लिश की है. इसमें कहा गया है कि वहीदी के कहने पर बातचीत के लिए ईरानी डेलीगेशन की लिस्ट आखिरी मिनट में बदल दी गई थी. डेलीगेशन में ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी बाघेर कानी को शामिल किया गया था. अब्बास अराघची के अलावा डेलीगेशन में एक भी नरमपंथी नहीं था.

होर्मुज स्ट्रेट खोलने के फैसले पर रोक

17 अप्रैल को पाकिस्तानी और US की बातचीत करने वाली टीमों के साथ मीटिंग के बाद अराघची ने सबके सामने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ऐलान किया, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस फैसले को मानने से मना कर दिया. इसके अलावा IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज ने अराघची की बुराई की. इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट खोलने का फैसला रोक दिया गया.

हमले का बदला लेने का ऐलान

 इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा राउंड तय है लेकिन ईरानी डेलीगेशन का नाम अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक जहाज पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है. IRGC का कहना है कि US ने सीज़फ़ायर तोड़ा है. हम उन्हें सबक सिखाएंगे.

अहमद वाहिदी कौन हैं?

अहमद वाहिदी अभी ईरान के सबसे ताकतवर IRGC के हेड हैं. उनका असली नाम वाहिद शाहचेराघी है. वाहिदी का जन्म 1958 में हुआ था. वह ईरान में शाह पहलवी के खिलाफ़ आंदोलन में शामिल थे. जब 1979 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड बना, तो वह उसमें शामिल हो गए.

वहीदी को ईरान के पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड चीफ कासिम सुलेमानी का करीबी माना जाता था. टॉप कमांडरों की हत्या के बाद वहीदी को IRGCC चीफ बनाया गया.

न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, वहीदी ने ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर ज़ोलगदर के साथ मिलकर एक गठबंधन बनाया है, जिसमें चुनी हुई सरकार और लिबरल नेताओं को पूरी तरह से किनारे कर दिया गया है. अब, ईरान से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में चुनी हुई सरकार की बात नहीं सुनी जा रही है.

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