Bab al-Mandeb Strait: हाल ही में ईरान ने चेतावनी दी है कि वो बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को बंद कर सकता है. अगर ऐसा होता है, तो पूरी दुनिया में उथल-पुथल हो सकता है. आइए जानते हैं बाब अल-मंडेब स्ट्रेट क्या है?
बाब अल मंडेब स्ट्रेट
Bab al-Mandeb Strait: ईरान और इज़राइल के साथ चल रहे युद्ध का आज 27वां दिन है. जंग थमने की जगह एक के बाद एक विवाद बढ़ते जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के द्वीपों पर हमला हुआ, तो वो बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में एक नया मार्च खोल सकता है. ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है क्योंकि एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच तेल और गैस का जो ट्रांसपोर्टेशन होता है, वो अधिकतर इसी रास्ते से होता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर ये बाब अल-मंडेब स्ट्रेट जरूरी क्या है और ये अहम क्यों है?
जानकारी के अनुसार, बाब अल मंडेब स्ट्रेट लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाली समुद्री रास्ता है. ये रास्ता स्वेज नहर की ओर जाता है. इसी रास्ते से जहाज आगे SUEZ कैनल के रास्ते यूरोप तक जाता है. ये यमन के दक्षिण-पश्चिम में है और यहां पर ईरान के समर्थक हूती गुट का ठिकाना कहा जाता है. दुनिया भर में समुद्र के रास्ते जो तेल भेजा जाता है, उसका लगभग 12 फीसदी हिस्सा लाल सागर और अदन की खाड़ी के इसी रास्ते से गुजरता है. इसके कारण ये दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग मार्ग है.
बाब अल मंडेब स्ट्रेट वाले इस रास्ते को आंसुओं का द्वार भी कहा जाता है. ये रास्ता काफी संकरा है, जो लगभग 26 से 29 किलोमीटर लंबा है. कहा जाता है कि पुराने समय में तेज हवाओं, खतरनाक चट्टानों और तेज बहाव के कारण जहाज डूब जाया करते थे, जिसके कारण इसे आंसुओं का द्वार भी कहा जाता है. अगर बाब अल मंडेब के नाम के अर्थ की बात करें, तो अरबी के बाब शब्द का अर्थ द्वार होता है. वहीं मंडेप का अर्थ दुख होता है.
बता दें कि ये एशिया और अफ्रीका के बीच का महत्वपूर्ण रास्ता है और ये यमन को जिबूती और इरिट्रिया से अलग करता है. दुनिया भर में समुद्र के रास्ते भेजे जाने वाले तेल का 12 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते गुजरता है.
ईरान ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ईरान के द्वीपों पर हमला करता है, तो बाब अल-मंडेबस्ट्रेट को बंद कर दिया जाएगा. अगर ऐसा होता है, तो पूरी दुनिया पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप का लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा. पहले सामान पहुंचने में जितना समय लगता है, उससे 15-20 मिनट ज्यादा लगेंगे. इसके अलावा पहले से ही देश में गैस की किल्लत है और अगर ईरान बाब अल मंडेब स्ट्रेट को बंद कर देता है, तो तेल और गैस महंगे हो सकते हैं. इसके कारण दुनियाभर के बाजारों में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है.
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