Skin Care Tips in Monsoon: बारिश का मौसम जितना सुहावना लगता है, त्वचा के लिए उतनी ही नई परेशानियां भी साथ लेकर आता है. कभी चेहरा जरूरत से ज्यादा ऑयली हो जाता है, तो कभी पिंपल्स और छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं. बढ़ी हुई नमी, पसीना, धूल और प्रदूषण मिलकर त्वचा के पोर्स को बंद कर देते हैं, जिससे मुंहासों की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए, तो चेहरा अपनी प्राकृतिक चमक खो सकता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
स्किन एक्सपर्ट्स का मानना है कि मानसून में स्किनकेयर रूटीन को थोड़ा बदलने की जरूरत होती है. इसी दौरान कुछ एसेंशियल ऑयल्स त्वचा की देखभाल में काफी मददगार साबित हो सकते हैं. ए जी ऑर्गेनिका के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित गुप्ता के अनुसार, टी ट्री ऑयल और लैवेंडर ऑयल इस मौसम में त्वचा के लिए सबसे फायदेमंद विकल्पों में शामिल हैं.
टी ट्री ऑयल के फायदे
सबसे पहले बात करते हैं टी ट्री ऑयल की. यह ऑयल अपनी एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल खूबियों के लिए जाना जाता है. यह त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल को संतुलित करने में मदद करता है और पिंपल्स पैदा करने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ को कम कर सकता है. इसके अलावा यह फंगल इंफेक्शन, रैशेज और हल्की जलन जैसी समस्याओं से भी बचाव में सहायक माना जाता है. अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली रहती है, तो यह ऑयल स्किन को फ्रेश महसूस कराने में भी मदद कर सकता है.
लैवेंडर ऑयल के फायदे
वहीं, लैवेंडर ऑयल त्वचा को आराम पहुंचाने के लिए जाना जाता है. इसकी हल्की और सुकून देने वाली खुशबू के साथ इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण त्वचा को शांत रखने में मदद करते हैं. यह त्वचा की सूजन कम करने, स्किन को हेल्दी बनाए रखने और समय से पहले आने वाली झुर्रियों की समस्या को कम करने में भी सहायक माना जाता है.
ध्यान रखें ये बातें
हालांकि, एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि एसेंशियल ऑयल्स को कभी भी सीधे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए. ये काफी गाढ़े होते हैं और सीधे इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन या एलर्जी हो सकती है. इन्हें हमेशा किसी कैरियर ऑयल, मॉइस्चराइजर या सीरम में मिलाकर ही लगाएं. इस्तेमाल करने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करना भी जरूरी है ताकि धूल, गंदगी और अतिरिक्त तेल हट सके.