आज के समय में फिटनेस फ्रीक लोग चीनी की जगह पर स्टीविया का इस्तेमाल करते हैं. डॉक्टर्स का मानना है कि ये एक बेहतरीन ऑप्शन है. इससे शुगर लेवल कम रहता है और ये सेहत के लिए अच्छा है.
शुगर या स्टीविया, क्या है बेहतर?
Stevia or Sugar: आज के समय में फिटनेस फ्रीक लोग शुगर को अवॉइड करते हैं. उसकी जगह पर वो स्टीविया का इस्तेमाल करते हैं. हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल्स के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने भी इसको लेकर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि शुगर को अवॉइड करना चाहिए. इसकी जगह पर स्टीविया सबसे हेल्दी ऑप्शन है क्योंकि इसमें ज़ीरो कैलोरी होती है. ये ब्लड शुगर या इंसुलिन लेवल नहीं बढ़ाता है और डायबिटीज वाले लोगों के लिए इसे सेफ माना जाता है. इसकी वजह ये है कि इसमें कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट बिल्कुल नहीं होते हैं.
उन्होंने कहा कि ये ब्लड ग्लूकोज या इंसुलिन लेवल को नहीं बढ़ाता है, जिससे ये उन लोगों के लिए सही है जिन्हें अपने ब्लड शुगर पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होती है. उनका कहना है कि स्टीविया दांतों की हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है. साथ ही दांतों की सड़न का कारण भी नहीं बनता. डॉक्टर ने कहा कि स्टीविया बहुत कम मात्रा में भी असरदार होता है. इससे शुगर का सेवन कम हो जाता है और मिठास भी मिल जाती है. इसे चाय और कॉफी में मिलाकर रोजाना इस्तेमाल किया जा सकता है.
डॉक्टर ने बताया कि स्टीविया भारत में सस्ता और आसानी से मिल जाता है, जिससे यह रोजाना इस्तेमाल के लिए प्रैक्टिकल हो जाता है. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि कुछ लोगों को बाद में कड़वा या मुलेठी जैसा स्वाद महसूस हो सकता है. उन्होंने कहा कि चीनी का ज्यादा इस्तेमाल लोगों की सेहत के लिए दुश्मन हो सकता है. जो लोग इस नुकसान के बारे में जानते हैं, वे चीनी की जगह पर स्टीविया और एलुलोज़ जैसे दूसरे ऑप्शन्स का इस्तेमाल करते हैं.
डॉक्टर का कहना है कि एलुलोज में लगभग जीरो कैलोरी होती है और इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ता नहीं है. यह एलुलोज को खाना पकाने और बेकिंग के लिए खास तौर पर सही बनाता है, जहां टेक्सचर और स्वाद जरूरी होते हैं. हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी है कि एलुलोज भारत में महंगा है और आसानी से नहीं मिलता. वो ये भी चेतावनी देते हैं कि ज्यादा इस्तेमाल से पाचन में दिक्कत हो सकती है. इससे पेट फूलना और पाचन में समस्या आ सकती है.
डॉक्टर कहते हैं कि जब स्वाद की बात आती है, तो एलुलोज स्टीविया से बेहतर है. भारत में उपलब्धता और किफायती होने के मामले में, वो कहते हैं कि स्टीविया का साफ फायदा है. ब्लड शुगर सेफ़्टी के लिए दोनों स्वीटनर सही तरीके से इस्तेमाल करने पर सुरक्षित हैं. रोजाना इस्तेमाल के लिए स्टीविया बेहतरीन ऑप्शन है क्योंकि ये आसानी से मिल सकता है और मेटाबोलिक तौर पर सुरक्षित भी है. स्वाद और सेहत के लिए दोनों को साथ मिलाकर सेवन करना एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है.
डॉक्टर ने चेतावनी दी कि किसी भी स्वीटनर को ज्यादा मात्रा में लेने पर वो हेल्दी नहीं रहता. डॉक्टर का मानना है कि सबसे हेल्दी तरीका है कि खाने में पूरी मिठास कम कर दी जाए न कि किसी भी चीनी के विकल्प पर बहुत ज्यादा निर्भर रहा जाए.
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