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Hypnic jerks: सोते-सोते शरीर क्यों झटके खाता है? जानें इसके पीछे का साइंस, क्या ये बीमारी का संकेत है?

Hypnic jerks: सोते समय शरीर में झटके लगना किन समस्याओं की तरफ इशारा है. जानें इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण, ट्रिगर्स और क्या यह किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकता है.

Hypnic jerks: सोते-सोते शरीर क्यों झटके को हाइपनिक जर्क या स्लीप स्टार्टर भी कहा जाता है. यह मांसपेशियों का अनैच्छिक सिकुड़ना है, जिसका अनुभव कुछ लोग सोते समय करते हैं. यह एक प्रकार का स्लीप मायोक्लोनस है. यह उन झटकेदार हरकतों का वैज्ञानिक नाम है जो शरीर नींद के दौरान या सोते समय करता है.

झटकों के कारण स्पष्ट नहीं

कुछ हाइपनिक जर्क हल्के होते हैं और मुश्किल से ही पता चलते हैं. लेकिन कुछ दूसरे बहुत तेज हो सकते हैं. कोई भी व्यक्ति जो सोने ही वाला था और फिर उसे अचानक एक झटका लगता है और उसकी नींद खुल जाती है. हाइपनिक जर्क आम हैं और कभी भी हो सकते हैं. और हालांकि इन झटकों का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है, कुछ कारक इनकी संभावना को बढ़ा सकते हैं.

झटके नहीं होते हैं घातक

हाइपनिक जर्क घातक नहीं होते हैं. जिस व्यक्ति को इसका अनुभव होता है, उसे डॉक्टर से सलाह लेने या मेडिकल इलाज करवाने की जरूरत नहीं होती, जब तक कि इनसे कोई परेशानी या अन्य लक्षण, जैसे कि पेशाब पर कंट्रोल न रहना, चोट, दर्द या भ्रम न हो.

हाइपनिक जर्क्स की फ्रिक्वेंसी

2016 के एक स्टडी में बताया गया कि हाइपनिक जर्क्स बेतरतीब ढंग से होते हैं और सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकते हैं. इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने पाया कि 60–70% लोगों को हाइपनिक जर्क्स का अनुभव होता है, आमतौर पर ठीक उसी समय जब वे सोने वाले होते हैं. हालांकि, जिन लोगों को इनका अनुभव होता है.

हाइपनिक जर्क्स के कारण

ज़्यादातर मामलों में, हाइपनिक जर्क का कोई स्पष्ट कारण नहीं है. ये अधिक्तर लोगों में बिना किसी अंदरूनी वजह के ही होते हैं. इस बारे में कुछ विचार और सिद्धांत मौजूद हैं कि नींद में ये झटके क्यों लगते हैं. इसके संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं.

बहुत ज़्यादा थकान और नींद की कमी

बहुत ज्यादा थकान, हिपनिक जर्क्स (नींद में झटके लगना) का एक आम कारण है. ये तब भी हो सकते हैं जब कोई व्यक्ति किसी असहज स्थिति में सोता है

उत्तेजक पदार्थ

शरीर और दिमाग को उत्तेजित करने वाले पदार्थ, जैसे कैफीन, निकोटीन, या कुछ दवाएं, सोने या सोए रहने में मुश्किल पैदा कर सकते हैं.

तनाव और चिंता

बहुत ज्यादा तनाव और चिंता के कारण सोने की तैयारी के लिए आराम करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए जब मांसपेशियों में ये अनैच्छिक झटके लगते हैं, तो व्यक्ति के जागने की संभावना बढ़ जाती है.
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें.

Vipul Tiwary

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