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पिता और बेटी का क्या है ‘गुप्त’ न्यूरो कनेक्शन? बेटा क्यों महसूस करता है अनजाना बदलाव? विज्ञान ने खोल दिया बड़ा राज!

शोध (Research) के मुताबकि, लिंग (Gender) पिता के व्यवहार को ही पूरी तरह से दर्शाता है. पिता का व्यवहार बेटों और बेटियों (Daughter and Son) से बेहद ही अलग देखने को मिला है.

Parenting Development:  शोध (Research) के मुताबकि, लिंग पिता के व्यवहार को ही पूरी तरह से दर्शाता है. पिता अपनी बेटियों पर भावनात्मक रूप से ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि बेटों पर शारीरिक रूप से ज्यादा ध्यान दिया जाता है. यह अंतर ज्यादातर सामाजिक और और जैविक प्रतिक्रियाओं (Bio-Logical Reactions) पर ही देखने को मिलते हैं.  विशेष रूप से मस्तिष्क इमेजिंग, जिससे Brain Imaging तकनीकों का इस्तेमाल करने वाले शोधों ने दर्शाया है कि पिता अनजाने में अपनी बेटियों और बेटों के प्रति अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं. 

1. व्यवहार और भावनात्मक ध्यान

बेटियों पर ज्यादा ध्यान

जॉर्जिया में एमोरी विश्वविद्यालय (Emory University) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि पिता अपनी छोटी बेटियों के प्रति अपने बेटों की तुलना में ज्यादा ध्यान देने वाला व्यवहार दर्शाते हैं. इसके अलावा पिता अपनी बेटियों के साथ खेलते समय ज्यादा खुलकर भी हंसते हैं. तो वहीं, 
वे अपनी बेटियों के प्रति ज्यादा कोमल व्यवहार के साथ मीठी वाणी का भी इस्तेमाल करते हैं. वे अपनी बेटियों से भावनाओं और शरीर के बारे में ज्यादा बाद करना पसंद करते थे.

बेटों के साथ, पिता अधिक शारीरिक और चंचल खेल के व्यवहार को ही प्रदर्शन करते हैं और उनमें सफलता और Achievement Oriented भाषा का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. 

2. भाषा का उपयोग

पिता ज्यादतर अपने लिंग-आधारित रूढ़िवादिता (Gender Stereotypes) के अनुरूप बच्चों से विभिन्न तरीके से बात करते हैं. पिता भावनात्मक रूप से अधिक गहन भाषा का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करते हैं, जो Cognitive Language का अधिक प्रयाग करना जैसे, “समझना,” “सोचना,” “क्यों”. तो वहीं बेटों के साथ पिता अक्सर कठोर भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देते हैं. वे दिशा-निर्देश देने और शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देने वाले शब्दों का ही इस्तेमाल करना पसंद करते हैं.

3. मस्तिष्क की कार्यप्रणाली (Brain Function)

न्यूरोसाइंस (Neuroscience) अध्ययनों ने पिता के मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण अंतर दिखाए हैं जब वे अपने बेटे या बेटी को देखते हैं. जब पिता अपनी बेटियों को देखते या उनसे बात करते थे, तो उनके मस्तिष्क के उन क्षेत्रों में ज्यादा गतिविधि देखने को मिलती है. तो वहीं, दूसरी तरफ जब वे अपने बेटों को देखते थे तो उनके  मस्तिष्क के उन क्षेत्रों में जो शारीरिक गतिविधि, खेलने और नियंत्रण से जुड़े होते हैं केवल वहीं देखने को मिला. 

हालांकि, यह न्यूरोलॉजिकल अंतर केवल यह दर्शाता है कि पिता का दिमाग अनजाने में अपनी बेटियों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने और बेटों के साथ शारीरिक और चुनौतीपूर्ण तरीके से जुड़ने के लिए अलग-अलग मार्ग का ही सही तरीके से इस्तेमाल करता है.

Darshna Deep

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