Nana Patekar Cardiac Arrest: कार्डियक अरेस्ट में CPR बेहद जरूरी हो सकती है. यह दिल और सांस रुकने की स्थिति में शरीर में खून का बहाव बनाए रखने में मदद करती है. जानिए CPR देने का सही तरीका.
नाना पाटेकर की कार्डियक अरेस्ट से गई जान
Nana Patekar Cardiac Arrest: बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर के बाद CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक बार फिर चर्चा में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई. लेकिन आखिर CPR क्या होती है, इसे कब देना चाहिए और यह किसी की जान बचाने में कैसे मदद कर सकती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं.
CPR एक इमरजेंसी मेडिकल प्रक्रिया है. इसे तब दिया जाता है, जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर दे या वह सामान्य तरीके से सांस न ले रहा हो. इसमें छाती के बीच वाले हिस्से पर तेजी और मजबूती से दबाव दिया जाता है. इसका मकसद शरीर में खून का बहाव बनाए रखना होता है, ताकि दिमाग और दूसरे जरूरी अंगों तक कुछ समय के लिए ऑक्सीजन पहुंचती रहे. सही ट्रेनिंग वाला व्यक्ति जरूरत पड़ने पर सांस देने वाली CPR भी कर सकता है.
कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक खून पंप करना बंद कर देता है. इससे दिमाग और शरीर के दूसरे हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचना रुक जाता है. ऐसे समय में शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, तुरंत CPR शुरू करने से कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति के बचने की संभावना काफी बढ़ सकती है.
अगर कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, आवाज देने या हिलाने पर प्रतिक्रिया न दे और सामान्य तरीके से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद बुलाएं. इसके बाद CPR शुरू करनी चाहिए. ध्यान रखें कि कार्डियक अरेस्ट के दौरान व्यक्ति कभी-कभी सामान्य सांस लेने के बजाय सिर्फ हांफ सकता है. इसे सामान्य सांस नहीं माना जाता.
व्यक्ति को समतल और मजबूत जगह पर लिटाएं. अपनी एक हथेली का निचला हिस्सा छाती के बीच में रखें और दूसरी हथेली उसके ऊपर रखें. इसके बाद छाती को तेजी और मजबूती से दबाएं. वयस्कों में छाती पर करीब 100 से 120 बार प्रति मिनट की गति से दबाव देने की सलाह दी जाती है. अगर AED यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर उपलब्ध हो, तो उसे भी तुरंत इस्तेमाल के लिए मंगवाएं.
For General Public !! CPR technique by Dr Ranjan joshi & team This song explains the entire process of Cardiopulmonary resuscitation(CPR)!! हिंदी मे बताई गयी ये विधि सभी को जाननी चाहिए ! कभी भी इमरजेंसी मे आप जान बचा सकते हैँ!! #MedTwitter #media #heart #heartattack #Corona https://t.co/Ngv02aLeef
— Indian Doctor🇮🇳 (@Indian__doctor) January 19, 2023
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CPR के लिए कोई तय 10 या 20 मिनट की सीमा नहीं होती. आम तौर पर इसे तब तक जारी रखा जाता है, जब तक व्यक्ति में जीवन के संकेत न दिखें या प्रशिक्षित मेडिकल टीम मदद के लिए न पहुंच जाए. CPR हर समस्या का इलाज नहीं है. कार्डियक अरेस्ट के कारण के अनुसार AED, दवाएं और अस्पताल में आगे के इलाज की जरूरत पड़ सकती है. ऐसी स्थिति में मदद करने में देरी न करना सबसे जरूरी है.
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