<

ईटिंग डिसऑर्डर क्या हैं, एनोरेक्सिया, बुलिमिया से बिंज-ईटिंग डिसऑर्डर तक, कारण, लक्षण और इलाज

Eating Disorders: ईटिंग डिसऑर्डर एक तरह की गंभीर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलिमिया और बिंज-ईटिंग डिसऑर्डर जैसे विकारों के कारण, लक्षण और उपचार के विकल्पों को समझना बहुत जरूरी है.

Eating Disorders: खाने से जुड़े विकार, जिन्हें ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है, आज के दौर में यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनते जा रहे हैं. ये केवल खाने की आदतों तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह आपके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से भी जुड़ा होता हैं. किसी भी व्यक्ति को यह बीमारी हो सकती है. आम खाने से जुड़ी बीमारियों में एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलिमिया नर्वोसा और बिंज-ईटिंग डिसऑर्डर शामिल हो सकता हैं. बेहतर महसूस करने के लिए उपचार मौजूद है.

ईटिंग डिसऑर्डर के प्रकार

एनोरेक्सिया नर्वोसा: भोजन या कैलोरी सेवन को सीमित करना, वजन बढ़ने का डर होना और आत्म-छवि इसमें शामिल है.
बुलिमिया नर्वोसा: थोड़े समय में बहुत ज्यादा भोजन करना या यह मानना लेना ​​कि भोजन का सेवन ज्यादा था और फिर उल्टी करके अत्यधिक व्यायाम करके भोजन को शरीर से बाहर निकालना आदि शामिल है.
पिका: जो खाने लायक पदार्थ न हो (जैसे चाक, मिट्टी और पेंट) को बाध्यकारी रूप से खाना.

ईटिंग डिसऑर्डर कितना सामान्य हैं?

खान-पान संबंधी विकार बहुत आम हैं. रिसर्च से पता चलता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 28.8 मिलियन लोग अपने जीवनकाल में किसी न किसी खान-पान संबंधी विकार से पीड़ित हैं.

ईटिंग डिसऑर्डर के लक्षण

  • ज्यादा वजन कम होना
  • पीरियड्स या मासिक धर्म का न आना
  • सही वजन बनाए रखने में असमर्थ
  • चक्कर आना
  • बेहोश हो जाना
  • बालों का झड़ना
  • ठंडे तापमान को सहन करने में मुश्किल

ईटिंग डिसऑर्डर के कारण

खान-पान संबंधी विकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अध्ययन जारी हैं. रिसर्च से पता चलता है कि ये विकार आनुवंशिक, जैविक, व्यवहारिक, मनोवैज्ञानिक और पर्यावरणीय सहित कई कारकों के मेल से उत्पन्न होते हैं.

ईटिंग डिसऑर्डर का इलाज क्या है?

ईटिंग डिसऑर्डर के मामले में इलाज जितनी जल्दी शुरू होता है, परिणाम उतना ही अच्छा मिलता है. इसके सबसे सफल उपचार में परिवार आधारित उपचार कहा जाता है. इसे मॉड्सले दृष्टिकोण के नाम से जाना जाता है. इसमें क्योंकि खाने से जुड़ी बीमारियों में शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक पहलू शामिल होते हैं, इसलिए उपचार इन सभी पर केंद्रित होता है. ऐसे में आपके बच्चे को आवश्यक चिकित्सा देखभाल के साथ-साथ पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाता है. 

इस मामले में मनोचिकित्सा अक्सर उपचार का एक खास हिस्सा होता है. इसको ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है और बीमारी वापस भी हो सकती है. लेकिन यह पूरी तरह से ठीक भी हो सकती है.

Share
Published by

Recent Posts

Funny Jokes: मेले में रावण को नेता ही क्यों जलाते हैं? बेटे के पूछने पर पिता का जवाब सुन ठहाके लगाएंगे

Funny Jokes of the Day: हंसी-मजाक करने से जीवन में सकारात्मक माहौल पैदा होता है.…

Last Updated: May 11, 2026 17:42:57 IST

IPL 2026 के बीच पहाड़ों पर इश्क लड़ा रहे अर्शदीप सिंह, वादियों में गर्लफ्रेंड का हाथ थामे हुए आये नजर, Video Viral

Arshdeep Singh: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ धर्मशाला में होने वाले मुकाबले से पहले पंजाब किंग्स…

Last Updated: May 11, 2026 17:20:13 IST

Gold Price Today 11 May 2026: PM मोदी की अपील के बाद क्या गिरे सोने के दाम या कीमतों में हुआ इजाफा, नोट करें शहरों के रेट्स

Gold Price Today 11 May 2026: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के शहरों…

Last Updated: May 11, 2026 17:19:54 IST

मुजफ्फरपुर: बाल आश्रय गृह से 10 बच्चे हुए फरार, प्रशासनिक विभाग में आया भूचाल

muzzafarpur news: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां…

Last Updated: May 11, 2026 17:16:51 IST

घर में इमली का पौधा लगा है? वास्तु के अनुसार बढ़ सकती हैं बड़ी परेशानियां,जानिए घर पर इसका क्या पड़ता है असर

Tamarind Plant Vastu: वास्तु शास्त्र में घर के आसपास मौजूद पेड़-पौधों को बेहद महत्वपूर्ण माना…

Last Updated: May 11, 2026 16:43:46 IST