अगर आपने कभी कच्चा लहसुन खाया है, तो ब्लैक गार्लिक का स्वाद आपको हैरान कर सकता है. यह न तो तीखा होता है और न ही इससे लहसुन की गंध आती है. ब्लैक गार्लिक का रंग काला, बनावट जेली जैसी और स्वाद हल्का मीठा होता है, जो कुछ हद तक बाल्समिक फ्लेवर जैसा लगता है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
ब्लैक गार्लिक को सामान्य लहसुन की गांठों को कई हफ्तों तक नियंत्रित गर्मी और नमी में रखकर तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान लहसुन में ऐसे रासायनिक बदलाव होते हैं, जो इसे काला, नरम और स्वाद में हल्का बना देते हैं.
दिखने में अलग होने के बावजूद, ब्लैक गार्लिक की शुरुआत वही साधारण लहसुन से होती है जो रोजमर्रा की किचन में इस्तेमाल होता है.
ब्लैक गार्लिक पेट पर कच्चे लहसुन की तुलना में ज्यादा हल्का होता है. GERD या एसिडिटी से परेशान लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह तीखा नहीं होता और रिफ्लक्स की समस्या को बढ़ाता नहीं है.
डॉक्टर्स का कहना है कि ब्लैक गार्लिक सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या चमत्कारी सुपरफूड नहीं माना जाना चाहिए. यह संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है, कोई जादुई समाधान नहीं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, अच्छी सेहत का असली राज एक हेल्दी लाइफस्टाइल और संतुलित डाइट में है, न कि किसी एक खास चीज़ पर निर्भर रहने में.
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