14 साल की उम्र में हुई मुलाकात, फिर इश्क और शादी… शाहरुख के प्यार में परिवार से भी लड़ी थीं गौरी
Gauri Khan: शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान ने उनका साथ तब भी निभाया, जब शाहरुख कुछ भी नहीं थे. दोनों की मुलाकात दिल्ली में हुई और यहीं से शुरू हुई उनकी प्रेम कहानी. कहा जाता है, जब दोनों की मुलाकात हुई, तब शाहरुख लगभग 18 साल के थे और गौरी लगभग 14 साल की थीं. दोनों की दोस्ती हुई और कुछ समय बाद दोनों प्यार में पड़ गए. कई साल तक दोनों ने रिश्ता अपने परिवार से छुपाया. आइए जानते हैं गौरी खान की जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से…
शादी से पहले क्या करती थीं गौरी?
बता दें कि गौरी का फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था. वह दिल्ली में पली-बढ़ीं और बाद में उन्होंने इंटीरियर डिजाइनिंग को अपना प्रोफेशन बनाया. शादी के बाद भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश जारी रखी. आगे चलकर वे एक नामी इंटीरियर डिजाइनर, प्रोड्यूसर और बिजनेसवुमन बनीं.
शाहरुख का बदला नाम
गौरी के परिवार को जब गौरी और शाहरुख के रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने काफी आपत्ति जताई. वजह सिर्फ यह नहीं थी कि शाहरुख उस समय फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे थे, बल्कि दोनों अलग-अलग धर्मों से भी थे. गौरी ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उनके माता-पिता को समझाने के लिए उन्होंने और शाहरुख ने एक समय उनका नाम अभिनव तक रख दिया था, ताकि परिवार को वह हिंदू लड़का लगे. बाद में गौरी ने खुद इसे बचकाना फैसला बताया.
धर्म परिवर्तन का किस्सा
शाहरुख ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि शादी से पहले गौरी के रिश्तेदारों को धर्म को लेकर काफी चिंता थी. ऐसे में उन्होंने मजाक में गौरी से कहा कि अब वह बुर्का पहनेंगी, नमाज पढ़ेंगी और उनका नाम 'आयशा' होगा. रिश्तेदार कुछ पल के लिए सच में हैरान रह गए थे. बता दें कि शादी के बाद भी गौरी ने अपना धर्म नहीं बदला. उन्होंने कहा कि वे सभी धर्मों का सम्मान करती हैं लेकिन धर्म नहीं बदलेंगी.
शादी के खिलाफ हुआ विरोध
बता दें कि शाहरुख और गौरी ने 25 अक्टूबर 1991 को शादी की. शाहरुख ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शादी तक पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल था. शाहरुख के मुताबिक, अलग धर्म में शादी को लेकर कुछ संस्थाओं ने विरोध किया था. उनके घर के सामने प्रदर्शन तक किए गए थे. इसी वजह से दोनों ने शादी को काफी हद तक निजी रखा.
स्ट्रगल में दिया शाहरुख का साथ
आज भले ही शाहरुख को बॉलीवुड का 'किंग खान' कहा जाता है लेकिन शादी के बाद तक वे कोई खास पहचान नहीं बना पाए थे. वह फिल्मों में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे. खुद शाहरुख ने माना है कि उस दौर में उनके पास न स्टारडम था और न ही कोई गारंटी कि वह बड़े फिल्म स्टार बनेंगे. इसके बावजूद वे साथ थीं.