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इस क्रिकेटर पर जान लुटाते थे Nana Patekar, आउट होने के बाद नहीं खाते थे खाना; किस्सा सुन नम हो जाएंगी आंखें

Nana Patekar: नाना पाटेकर ने कहा था कि विराट कोहली ऐसा प्लेयर है, जिसको वो बहुत चाहते हैं. दिल से पसंद करते हैं. नाना पाटेकर ने कहा था कि विराट कोहली जब जल्दी आउट होते हैं तो उन्हें फिर खाना खाने का मन नहीं करता था.

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Last Updated: October 8, 2026 13:47:18 IST

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Nana Patekar Virat Kohli Connection: अब जब नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं, तो उनकी यादें इस महान एक्टर को आखिरी विदाई देने का ज़रिया हैं. नाना पाटेकर, जिनका 8 अक्टूबर (आज) को 75 साल की उम्र में निधन हो गया, क्रिकेट के बहुत बड़े फ़ैन थे. विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर थे. एक पुराने इंटरव्यू में, नाना ने खुद बताया था कि कोहली के आउट होने के बाद उनका खाने का मन नहीं करता. वह खाना छोड़ देते हैं.अपनी दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाने वाले नाना पाटेकर का क्रिकेट के लिए जुनून किसी से छिपा नहीं था. जब उन्होंने विराट के लिए खाना छोड़ने की बात कही तो उनकी आँखों में क्रिकेट के लिए प्यार साफ़ दिख रहा था.विराट कोहली मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं. अगर वह जल्दी आउट हो जाते हैं, तो मेरा खाने का मन नहीं करता. मैं क्रिकेट से इतना जुड़ा हुआ हूँ.

 सच‍िन तेंदुलकर हुए भावुक

वहीं दिग्‍गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक सीधे-सादे और जमीन से जुड़े व्यक्ति के रूप में याद किया. X पर एक श्रद्धांजलि संदेश में सचिन तेंदुलकर ने लिखा, ‘मैं नाना पाटेकर को एक बहुत ही सीधे-सादे और जमीन से जुड़े व्यक्ति के तौर पर याद करता हूं. उनके काम में भी वही ईमानदारी झलकती थी. चाहे मराठी हो या हिंदी, उन्होंने जिन भी किरदारों को निभाया, उनमें हमेशा एक सच्चाई और असलियत दिखाई. उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति.’

 ‘पूरे राजकीय सम्मान’ अंतिम संस्कार

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को मराठी थिएटर और मराठी व हिंदी सिनेमा में उनके बड़े योगदान के सम्मान में राजकीय अंतिम संस्कार दिया जाएगा. X पर एक पोस्ट में शेलार ने लिखा, ‘मराठी नाटकों और मराठी व हिंदी सिनेमा में अभिनेता नाना पाटेकर के बेमिसाल योगदान को देखते हुए, हमने उनका अंतिम संस्कार ‘पूरे राजकीय सम्मान’ के साथ करने का फैसला किया है.’ मीडिया से बात करते हुए, शेलार ने नाना के निधन को कला की दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति बताया और याद किया कि कैसे उन्होंने अपनी प्रतिभा और लगन से मराठी थिएटर और मराठी व हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई. उन्होंने अपनी, महाराष्ट्र सरकार और सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से शोक व्यक्त किया.

कैसे हुई मौत?

नाना पाटेकर के निधन पर मणिपाल हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर, डॉ. शेखर सालकर ने कहा, ‘हमारे पसंदीदा एक्टर नाना पाटेकर को हमारे हॉस्पिटल में मृत अवस्था में लाया गया और आज सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनके केयरटेकर सुबह करीब 4:18 या 4:20 बजे आए, हमारी एम्बुलेंस ली और पास ही स्थित उनके फ्लैट पर गए. जब ​​तक हमारी टीम वहां पहुंची, वे जमीन पर पड़े थे, बेहोश थे और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. टीम ने CPR शुरू किया और CPR जारी रखते हुए उन्हें हॉस्पिटल ले आए. उन्हें लगभग 10 मिनट में यहां लाया गया और हमने यहां भी CPR जारी रखा. लेकिन ऐसा लग रहा था कि उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था. इसलिए हमें एक मेडिको-लीगल केस दर्ज करना पड़ा और अब शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है. यह कार्डियक अरेस्ट का मामला था, लेकिन हमें कारण नहीं पता. जहां तक ​​हमें बताया गया है, वे पहले से ही दिल की बीमारी के मरीज थे और दवा ले रहे थे.’

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Nana Patekar Virat Kohli Connection: अब जब नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं, तो उनकी यादें इस महान एक्टर को आखिरी विदाई देने का ज़रिया हैं. नाना पाटेकर, जिनका 8 अक्टूबर (आज) को 75 साल की उम्र में निधन हो गया, क्रिकेट के बहुत बड़े फ़ैन थे. विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर थे. एक पुराने इंटरव्यू में, नाना ने खुद बताया था कि कोहली के आउट होने के बाद उनका खाने का मन नहीं करता. वह खाना छोड़ देते हैं.अपनी दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाने वाले नाना पाटेकर का क्रिकेट के लिए जुनून किसी से छिपा नहीं था. जब उन्होंने विराट के लिए खाना छोड़ने की बात कही तो उनकी आँखों में क्रिकेट के लिए प्यार साफ़ दिख रहा था.विराट कोहली मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं. अगर वह जल्दी आउट हो जाते हैं, तो मेरा खाने का मन नहीं करता. मैं क्रिकेट से इतना जुड़ा हुआ हूँ.

 सच‍िन तेंदुलकर हुए भावुक

वहीं दिग्‍गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक सीधे-सादे और जमीन से जुड़े व्यक्ति के रूप में याद किया. X पर एक श्रद्धांजलि संदेश में सचिन तेंदुलकर ने लिखा, ‘मैं नाना पाटेकर को एक बहुत ही सीधे-सादे और जमीन से जुड़े व्यक्ति के तौर पर याद करता हूं. उनके काम में भी वही ईमानदारी झलकती थी. चाहे मराठी हो या हिंदी, उन्होंने जिन भी किरदारों को निभाया, उनमें हमेशा एक सच्चाई और असलियत दिखाई. उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति.’

 ‘पूरे राजकीय सम्मान’ अंतिम संस्कार

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को मराठी थिएटर और मराठी व हिंदी सिनेमा में उनके बड़े योगदान के सम्मान में राजकीय अंतिम संस्कार दिया जाएगा. X पर एक पोस्ट में शेलार ने लिखा, ‘मराठी नाटकों और मराठी व हिंदी सिनेमा में अभिनेता नाना पाटेकर के बेमिसाल योगदान को देखते हुए, हमने उनका अंतिम संस्कार ‘पूरे राजकीय सम्मान’ के साथ करने का फैसला किया है.’ मीडिया से बात करते हुए, शेलार ने नाना के निधन को कला की दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति बताया और याद किया कि कैसे उन्होंने अपनी प्रतिभा और लगन से मराठी थिएटर और मराठी व हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई. उन्होंने अपनी, महाराष्ट्र सरकार और सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से शोक व्यक्त किया.

कैसे हुई मौत?

नाना पाटेकर के निधन पर मणिपाल हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर, डॉ. शेखर सालकर ने कहा, ‘हमारे पसंदीदा एक्टर नाना पाटेकर को हमारे हॉस्पिटल में मृत अवस्था में लाया गया और आज सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनके केयरटेकर सुबह करीब 4:18 या 4:20 बजे आए, हमारी एम्बुलेंस ली और पास ही स्थित उनके फ्लैट पर गए. जब ​​तक हमारी टीम वहां पहुंची, वे जमीन पर पड़े थे, बेहोश थे और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. टीम ने CPR शुरू किया और CPR जारी रखते हुए उन्हें हॉस्पिटल ले आए. उन्हें लगभग 10 मिनट में यहां लाया गया और हमने यहां भी CPR जारी रखा. लेकिन ऐसा लग रहा था कि उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था. इसलिए हमें एक मेडिको-लीगल केस दर्ज करना पड़ा और अब शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है. यह कार्डियक अरेस्ट का मामला था, लेकिन हमें कारण नहीं पता. जहां तक ​​हमें बताया गया है, वे पहले से ही दिल की बीमारी के मरीज थे और दवा ले रहे थे.’

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