Gautam Gambhir Statement: रोहित शर्मा के शानदार शतक और शुभमन गिल के दोहरे शतक के दम पर भारत ने 406 रन का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल तो कर लिया, लेकिन हेड कोच गौतम गंभीर इस जीत से बिल्कुल खुश नहीं हैं. गंभीर का मानना है कि ऐसी सपाट पिचों पर केवल बल्लेबाजी होती है, क्रिकेट नहीं. जानिए गुवाहाटी वनडे में जीत के बाद भी गंभीर क्यों भड़क उठे और उन्होंने गेंदबाजों के हक में क्या बात कही.
जिस मैच में रोहित ने लगाया शतक, उसे क्रिकेट नहीं मानते गौतम गंभीर!
IND vs WI 2nd ODI: वेस्ट इंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारत ने 406 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल करके 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. इस मुकाबले में रोहित शर्मा ने 75 गेंदों पर 101 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 223 रन बनाए. भारत ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी बना ली, लेकिन टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इस जीत के बावजूद बेहद निराश नजर आए.
मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए गंभीर ने साफ कहा कि गुवाहाटी में फैंस ने जो देखा, उसे ‘क्रिकेट’ नहीं कहा जा सकता. उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच खत्म होते संतुलन पर गहरी चिंता जताई और बीसीसीआई (BCCI) समेत राज्य संघों से गेंदबाजों को बचाने के लिए बेहतर पिचें बनाने की अपील की.
गंभीर ने खुलकर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा, ‘अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं, तो बल्ले और गेंद के बीच एक बेहतर मुकाबला होना चाहिए. आप इसे क्रिकेट कह सकते हैं, लेकिन यह क्रिकेट नहीं है यह सिर्फ बल्लेबाजी है. जरा सोचिए, एक युवा गेंदबाज इस तरह की पिच पर गेंदबाजी कर रहा है, जहां विरोधी टीम 400 रन बनाती है और फिर हम भी उसे आसानी से चेस कर लेते हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘रिकॉर्ड्स के लिए यह शानदार है, दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स के लिए भी यह बेहद रोमांचक है, लेकिन अगर आप मुझसे एक सच्चे क्रिकेट प्रेमी और कोच के तौर पर पूछेंगे, तो मुझे गेंदबाजों से पूरी सहानुभूति है.’
400 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करने का यह वनडे इतिहास में केवल दूसरा सफल प्रयास था. इसके बावजूद गंभीर का मानना था कि ऐसी पिचों पर गेंदबाजों के खराब आंकड़ों के आधार पर उन्हें जज करना गलत है.
गंभीर ने कहा, ‘जब आप इस तरह की सपाट पिचों पर गेंदबाजी करते हैं, तो यह गेंदबाजों के साथ सरासर अन्याय है. हमें गेंदबाजों को कुछ न कुछ ऐसा देना होगा जिससे वे खेल में बने रह सकें. 5 फील्डर अंदर रहने, दो नई गेंदों और आज की पावर-हिटिंग के दौर में गेंदबाजों के पास वैसे ही विकल्प बहुत कम हैं.’
गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 वनडे विश्व कप में अब काफी कम मुकाबले बचे हैं, इसलिए वे युवा गेंदबाजों (जैसे आकिब नबी और गुरनूर ब्रार) को सीधी कठिन परिस्थितियों और दबाव में डाल रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘विश्व कप केवल दबाव का खेल है. हम युवाओं को ऐसे ही कठिन माहौल में तैयार करना चाहते हैं ताकि आगे चलकर भारतीय क्रिकेट को इसका फायदा मिले.’
भारत और वेस्ट इंडीज के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे मैच शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा.
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