Ishan Kishan: T20 वर्ल्ड कप फाइनल में ईशान किशन की तूफानी पारी के पीछे छिपा था गहरा दुख. परिवार के दो सदस्यों को खोने के बाद भी कैसे देश के लिए लड़े ईशान? पढ़ें भावुक कर देने वाली कहानी.
T20 वर्ल्ड कप फाइनल में ईशान किशन की तूफानी पारी के पीछे छिपा था गहरा दुख
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम रोशनी से नहाया हुआ था, शोर चरम पर था, लेकिन भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के भीतर एक खामोश तूफान चल रहा था. परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ के बावजूद, ईशान मैदान पर उतरे और एक ऐसी पारी खेली जो उनके खेल से कहीं ज्यादा उनके चरित्र की गवाही दे रही थी. भारतीय टीम लगातार दुसरी बार टी20 वर्ल्ड कप हासिल कर लिया है. 255 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने और 96 रनों के बड़े अंतर से कीवियों को हराने में ईशान किशन की भूमिका भी उतनी ही अहम रही, क्रीज पर आते के साथ ही उन्होंने चौके-छक्के की शुरुआत कर दी थी और 54 रनों की शानदार अर्धशकीय पारी खेली, लेकिन इस पारी के पीछे एक दर्द छुपा था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब रविवार की शाम पूरा देश टीवी स्क्रीन से चिपका था, तब ईशान का परिवार सैकड़ों किलोमीटर दूर गहरे शोक में डूबा था. उनके पिता प्रणव पांडे उस वक्त सिलीगुड़ी के एक मुर्दाघर में थे. दरअसल एक भीषण कार हादसे ने उनके परिवार के दो बेहद करीबी सदस्यों को छीन लिया था. यह हादसा शुक्रवार को तब हुआ जब ईशान किशन के पिता अपने बेटे को विश्व कप फाइनल खेलते देखने के लिए पटना एयरपोर्ट जा रहे थे. इस दुर्घटना में ईशान की चचेरी बहन और उनके पति की जान चली गई. हालांकि कुदरत का करिश्मा देखिए कि उनके दो छोटे बच्चे (महज 6 महीने और 3 साल के) इस हादसे में सुरक्षित बच गए.
ईशान किशन के पिता कहते हैं ‘अनर्थ हो गया. हम लोग बहुत बड़ी मुसीबत में हैं,’ फाइनल की पूर्व संध्या पर बदहवास पिता ने ये शब्द कहे, जो उस समय उनके परिवार की पीड़ा को बयां कर रहे थे.
इतने बड़े सदमे के बावजूद, ईशान ने टीम के साथ रुकने और अपने करियर का सबसे बड़ा मैच खेलने का फैसला किया. 26 साल के इस युवा खिलाड़ी ने मैदान पर जो किया, वह चमत्कार से कम नहीं था. उन्होंने मात्र 25 गेंदों में 54 रनों की तूफानी पारी खेली और विकेट के पीछे मुस्तैदी दिखाते हुए तीन शानदार कैच लपके. जब ईशान ने इस टूर्नामेंट का अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया, तो उन्होंने बल्ला ड्रेसिंग रूम की तरफ उठाया. लेकिन इस बार जश्न में एक अलग भाव था, उन्होंने आसमान की तरफ इशारा किया, मानो अपनी यह पारी उन अपनों के नाम कर रहे हों जिन्हें उन्होंने खो दिया था.
मैच से पहले प्रैक्टिस के दौरान भी ईशान बदले-बदले से थे. अपनी जिंदादिली और हंसी-मजाक के लिए जाने जाने वाले ईशान वहां बिल्कुल शांत थे. उन्होंने बल्लेबाजी का अभ्यास कम किया, लेकिन फील्डिंग ड्रिल पर पूरा ध्यान दिया. उनके साथियों ने भी इस मुश्किल घड़ी में उन्हें घेरे रखा और हिम्मत बंधाते रहे. इतने भारी दुख के बीच भी ईशान की इंसानियत कम नहीं हुई. अभ्यास सत्र के दौरान जब छोटे प्रशंसक ऑटोग्राफ और सेल्फी के लिए शोर मचा रहे थे, तो उन्होंने अपनी तकलीफ किनारे रख दी. उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा, ‘बच्चों को आने दो,’ और मुस्कुराते हुए नन्हें प्रशंसकों के साथ वक्त बिताया. ईशान की यह पारी केवल रनों के लिए नहीं, बल्कि उस हिम्मत के लिए याद रखी जाएगी जो एक इंसान को टूटने के बावजूद खड़े रहने की ताकत देती है.
Vaibhav Sooryavanshi Records: वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपने बल्ले से तबाही मचाई हुई है.…
Love Affair Suicide Case: लखीमपुर खीरी के एक युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो…
सुंदरकांड की ये 5 शक्तिशाली चौपाइयां आपके मन से डर, चिंता और नकारात्मक विचारों को…
Australia vs Pakistan: ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच पहला वनडे मैच कीरावलपिंडी में खेला जाएगा.…
Funny Jokes of the Day: हंसी-मजाक करने से जीवन में सकारात्मक माहौल पैदा होता है.…
Who Is Nandini Sharma: चंडीगढ़ की रहने वाली नंदिनी शर्मा ने अपने टी20 डेब्यू पर…