Kuldeep Yadav 10 Wicket Haul: काउंटी क्रिकेट में 10 विकेट लेकर कुलदीप यादव ने गदर मचा दिया है. श्रीलंका दौरे पर ड्रॉप होने के बाद इस चाइनामैन स्पिनर ने अपनी जादुई गेंदबाजी से गौतम गंभीर और सेलेक्टर्स को करारा जवाब दिया है. जानिए कैसे कुलदीप का यह खतरनाक स्पेल टेस्ट टीम में उनकी वापसी के रास्ते खोल सकता है.
काउंटी क्रिकेट में 10 विकेट लेकर कुलदीप यादव ने गदर मचा दिया है
Kuldeep Yadav County Cricket 2026: भारतीय टीम से लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद ‘चाइनामैन’ कुलदीप यादव का गुस्सा आखिरकार इंग्लैंड की धरती पर फूट ही पड़ा. श्रीलंका दौरे पर सिर्फ एक मैच खिलाकर ड्रॉप किए जाने का जवाब उन्होंने अपनी जादुई गेंदबाजी से दिया है. काउंटी क्रिकेट में कदम रखते ही कुलदीप ने विरोधी टीम के खिलाफ ऐसा तूफान बरपाया कि अकेले ही 10 विकेट चटकाकर सनसनी मचा दी. इस धाकड़ प्रदर्शन से उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को सीधा संदेश तो दे दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह स्पेल उन्हें टेस्ट टीम में उनका खोया रुतबा वापस दिला पाएगा?
यह पहली बार नहीं है जब कुलदीप को इस तरह बाहर बैठना पड़ा हो. उन्हें अक्सर टीम में बहुत कम मौके मिलते हैं. कुलदीप यादव को लाल गेंद (टेस्ट) और सफेद गेंद (वनडे-टी20) दोनों प्रारूपों के स्क्वाड में जगह तो मिल जाती है, लेकिन वह अक्सर प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनने से चूक जाते हैं. मुख्य कोच गौतम गंभीर इन दिनों उन गेंदबाजों को ज्यादा तरजीह देते दिख रहे हैं जो बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकें. इस वजह से कुलदीप को मिलने वाले मौके और सीमित हो गए हैं.
हालांकि, काउंटी चैंपियनशिप में 10 विकेट लेकर कुलदीप ने यह साबित कर दिया कि जब भी उन पर भरोसा जताया जाता है, तो वह गेंद से क्या कमाल कर सकते हैं.
यॉर्कशायर की ओर से एसेक्स के खिलाफ खेलते हुए कुलदीप ने पहली पारी में 70 रन देकर 4 विकेट और दूसरी पारी में 50 रन देकर 6 विकेट चटकाए. इस तरह उन्होंने मैच में कुल 120 रन देकर 10 विकेट हासिल किए. यही नहीं, उन्होंने बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दिया और 36 रन बनाए, जिसकी बदौलत यॉर्कशायर ने 390 रनों का स्कोर खड़ा किया.
चाइनामैन स्पिनर न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में बहुत कम देखने को मिलते हैं. इसके बावजूद, 2017 में डेब्यू करने के बाद से कुलदीप भारत के लिए अब तक सिर्फ 19 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं. अपने करियर के शुरुआती दिनों में वे अक्सर बेंच पर बैठे रहते थे या टीम से बाहर रहते थे, क्योंकि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की जोड़ी को पहली प्राथमिकता देते थे.
फिलहाल वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और हाल ही में मानव सुतार व सारांश जैन जैसे खिलाड़ियों को टीम में मौके मिल रहे हैं. कुलदीप लगातार टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं और प्रबंधन ने उन्हें ऐसा लंबा मौका नहीं दिया जिससे वे अपनी क्षमता को पूरी तरह साबित कर सकें.
मैच में 10 विकेट लेकर कुलदीप ने टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर को एक साफ संदेश दे दिया है, जिनके कुछ बड़े फैसले अक्सर विवादों में रहते हैं.
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