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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बड़ा फैसला, खिलाड़ियों के लिए नेशनल क्रिकेट अकादमी में पैडल खेलना हुआ अनिवार्य

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की फिटनेस और फील्डिंग सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब नेशनल क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग कैंप के दौरान सभी खिलाड़ियों के लिए पैडल खेलना अनिवार्य होगा. हर दूसरे दिन 40 मिनट तक पैडल खेलने से खिलाड़ियों की फुर्ती, रिफ्लेक्स, स्टैमिना और मूवमेंट बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है. यह पहल हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद की देखरेख में शुरू की गई है.

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Last Updated: July 22, 2026 17:46:03 IST

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने खिलाड़ियों की फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए नया नियम लागू किया है. अब लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में लंबे ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को पैडल खेलना अनिवार्य होगा. नए नियम के तहत खिलाड़ियों को हर दूसरे दिन 40 मिनट तक पैडल खेलना होगा. बोर्ड का मानना है कि इससे खिलाड़ियों की फुर्ती, तेज रिफ्लेक्स, शरीर की मूवमेंट और फील्डिंग में सुधार आएगा.

इस पहल को पाकिस्तान टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और मौजूदा हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर व सीनियर चयनकर्ता आकिब जावेद ने शुरू किया है. उनके अनुसार पैडल ऐसा खेल है, जिसे सीखना आसान है, लेकिन इसमें खिलाड़ियों को लगातार दौड़ना, दिशा बदलना और तेज फुटवर्क करना पड़ता है. यही वजह है कि यह क्रिकेटरों की फिटनेस बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकता है.

नेशनल क्रिकेट अकादमी में बनाई गई नई पैडल कोर्ट
आकिब जावेद ने बताया कि पाकिस्तान के कई खिलाड़ी पहले से ही पैडल खेलते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए अपने शहरों में काफी दूर स्थित कोर्ट तक जाना पड़ता था. अब इस समस्या को दूर करने के लिए नेशनल क्रिकेट अकादमी परिसर में ही आधुनिक पैडल कोर्ट तैयार कर दिया गया है. इससे खिलाड़ी अपनी नियमित क्रिकेट ट्रेनिंग के साथ-साथ पैडल भी आसानी से खेल सकेंगे.

फिटनेस और फील्डिंग सुधारने पर रहेगा पूरा फोकस
आकिब जावेद का कहना है कि उनका लक्ष्य नेशनल क्रिकेट अकादमी को ऐसा हाई परफॉर्मेंस सेंटर बनाना है, जहां खिलाड़ी क्रिकेट कौशल के साथ अपनी शारीरिक फिटनेस भी बेहतर कर सकें. पैडल में टेनिस और स्क्वैश दोनों की विशेषताएं शामिल होती हैं. छोटे कोर्ट पर खेले जाने वाले इस खेल में तेज दौड़, फुर्ती, संतुलन और स्टैमिना की जरूरत होती है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से खिलाड़ियों की फिटनेस के स्तर में सुधार होगा और मैदान पर उनकी फील्डिंग भी पहले से अधिक प्रभावी बनेगी.

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने खिलाड़ियों की फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए नया नियम लागू किया है. अब लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में लंबे ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को पैडल खेलना अनिवार्य होगा. नए नियम के तहत खिलाड़ियों को हर दूसरे दिन 40 मिनट तक पैडल खेलना होगा. बोर्ड का मानना है कि इससे खिलाड़ियों की फुर्ती, तेज रिफ्लेक्स, शरीर की मूवमेंट और फील्डिंग में सुधार आएगा.

इस पहल को पाकिस्तान टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और मौजूदा हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर व सीनियर चयनकर्ता आकिब जावेद ने शुरू किया है. उनके अनुसार पैडल ऐसा खेल है, जिसे सीखना आसान है, लेकिन इसमें खिलाड़ियों को लगातार दौड़ना, दिशा बदलना और तेज फुटवर्क करना पड़ता है. यही वजह है कि यह क्रिकेटरों की फिटनेस बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकता है.

नेशनल क्रिकेट अकादमी में बनाई गई नई पैडल कोर्ट
आकिब जावेद ने बताया कि पाकिस्तान के कई खिलाड़ी पहले से ही पैडल खेलते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए अपने शहरों में काफी दूर स्थित कोर्ट तक जाना पड़ता था. अब इस समस्या को दूर करने के लिए नेशनल क्रिकेट अकादमी परिसर में ही आधुनिक पैडल कोर्ट तैयार कर दिया गया है. इससे खिलाड़ी अपनी नियमित क्रिकेट ट्रेनिंग के साथ-साथ पैडल भी आसानी से खेल सकेंगे.

फिटनेस और फील्डिंग सुधारने पर रहेगा पूरा फोकस
आकिब जावेद का कहना है कि उनका लक्ष्य नेशनल क्रिकेट अकादमी को ऐसा हाई परफॉर्मेंस सेंटर बनाना है, जहां खिलाड़ी क्रिकेट कौशल के साथ अपनी शारीरिक फिटनेस भी बेहतर कर सकें. पैडल में टेनिस और स्क्वैश दोनों की विशेषताएं शामिल होती हैं. छोटे कोर्ट पर खेले जाने वाले इस खेल में तेज दौड़, फुर्ती, संतुलन और स्टैमिना की जरूरत होती है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से खिलाड़ियों की फिटनेस के स्तर में सुधार होगा और मैदान पर उनकी फील्डिंग भी पहले से अधिक प्रभावी बनेगी.

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