Ruturaj Gaikwad Century: भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना कितना अहम है, ऋतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर इसका उदाहरण पेश किया है। रणजी ट्रॉफी 2026-27 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए गायकवाड़ ने झारखंड के खिलाफ शानदार शतक लगाया। खास बात यह रही कि आमतौर पर शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने वाले ऋतुराज इस मुकाबले में सातवें नंबर पर उतरे और मुश्किल परिस्थिति में टीम की पारी को मजबूती दी.
सातवें नंबर पर उतरे ऋतुराज, 169 गेंदों में पूरा किया शतक
महाराष्ट्र और झारखंड के बीच यह मुकाबला पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन ऋतुराज ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का 10वां शतक पूरा किया। उन्होंने 169 गेंदों का सामना करते हुए शतकीय आंकड़ा छुआ। उनकी पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल रहा.
ऋतुराज को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका तब मिला, जब महाराष्ट्र के कप्तान पृथ्वी शॉ का विकेट 345 रन के स्कोर पर गिरा। इसके बाद ऋतुराज ने अंकित बावने के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया.
महाराष्ट्र की स्थिति मजबूत, झारखंड पर बड़ी बढ़त
बीसीसीआई के मैच सेंटर के अनुसार, तीसरे दिन महाराष्ट्र ने अपनी दूसरी पारी में 150 ओवर में पांच विकेट पर 527 रन बना लिए थे. टीम को झारखंड पर 358 रन की बढ़त हासिल थी और उसके पांच विकेट बाकी थे. इस स्थिति ने महाराष्ट्र को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
हालांकि, रणजी ट्रॉफी में मैच का अंतिम नतीजा पारी के आगे बढ़ने और चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति पर निर्भर करेगा. इसलिए महाराष्ट्र की बढ़त को जीत में बदलना अभी बाकी है.
इंडिया ए के बाद रणजी ट्रॉफी में वापसी
ऋतुराज गायकवाड़ इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की वनडे सीरीज में खेल रहे थे। इसी वजह से वह महाराष्ट्र के पिछले रणजी मुकाबले में उपलब्ध नहीं थे। टीम में वापसी के बाद उन्होंने झारखंड के खिलाफ शतक लगाकर अपनी फॉर्म का संकेत दिया.
गायकवाड़ सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड मजबूत रहा है। यह शतक उनके लंबे प्रारूप के अनुभव और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की क्षमता को दर्शाता है.
क्या टेस्ट टीम में मिल सकता है मौका?
ऋतुराज के इस प्रदर्शन के बाद टेस्ट टीम में उनकी दावेदारी को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है. हालांकि, केवल एक शतक के आधार पर चयन की संभावना तय नहीं की जा सकती. भारतीय टीम में जगह के लिए लगातार प्रदर्शन, टीम की जरूरत और चयनकर्ताओं की रणनीति जैसे पहलू भी अहम होते हैं.
फिलहाल गायकवाड़ के लिए सबसे जरूरी होगा कि वह घरेलू क्रिकेट में इसी लय को बनाए रखें. झारखंड के खिलाफ सातवें नंबर पर उतरकर बनाया गया शतक उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है, खासकर तब जब टीम को मध्यक्रम में भरोसेमंद बल्लेबाज की जरूरत हो.
ऋतुराज की इस पारी ने रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र की स्थिति को मजबूत किया है और उनके फर्स्ट क्लास करियर में एक और उपलब्धि जोड़ दी है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि वह आगामी मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करते हैं और महाराष्ट्र इस मैच को किस नतीजे तक पहुंचाता है