Vaishnavi Sharma 5 Wicket Haul: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए इतिहास रच दिया. उन्होंने 10 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट हासिल किए. इस प्रदर्शन के साथ वैष्णवी महिला वनडे क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाली दूसरी सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गईं.
वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में वैष्णवी ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और स्पिन के सामने विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हुई.
दीप्ति शर्मा के बाद इस खास सूची में शामिल हुईं वैष्णवी
महिला वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पांच विकेट लेने वाली भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड दीप्ति शर्मा के नाम है. दीप्ति ने 18 साल और 179 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी. अब वैष्णवी ने पांच विकेट लेकर इस सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है.
वैष्णवी का यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए भी अहम है. इससे पहले उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में चार विकेट लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई थी. अब लगातार दूसरे मुकाबले में प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर किया है.
जिम्बाब्वे की पारी 131 रन पर सिमटी
तीसरे वनडे में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और वैष्णवी ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर विपक्षी टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं.
जिम्बाब्वे की पूरी टीम 39.5 ओवर में 131 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. वैष्णवी ने पांच विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई की. इस तरह भारत के सामने जीत के लिए 132 रन का लक्ष्य रहा.
अंडर-19 क्रिकेट से सीनियर टीम तक का सफर
वैष्णवी शर्मा ने अंडर-19 क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई थी. वह 2025 अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में भारत की सफल गेंदबाजों में शामिल रही थीं. मलेशिया के खिलाफ उन्होंने पांच विकेट लेने के साथ हैट्रिक भी हासिल की थी.
घरेलू क्रिकेट में भी वैष्णवी ने लगातार विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा. जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका प्रदर्शन दिखाता है कि वह सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
तीसरे वनडे में पांच विकेट लेकर वैष्णवी ने न सिर्फ भारत को कम लक्ष्य तक पहुंचने का मौका दिया, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा लिया.