Laxmipathy Balaji India A team Head Coach: भारतीय क्रिकेट इतिहास में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिन्हें प्रशंसक न सिर्फ उनके प्रदर्शन के लिए, बल्कि उनके शानदार व्यक्तित्व और मैदान पर उनके अंदाज के लिए हमेशा याद रखते हैं. तमिलनाडु के पूर्व तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं. साल 2004 में पाकिस्तान की सरजमीं पर गेंद और बल्ले से गदर मचाने वाले बालाजी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. आईपीएल (IPL) इतिहास में पहली हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराने वाले इस दिग्गज को अब टीम इंडिया (इंडिया-ए) की कोचिंग की कमान सौंपी गई है.
पाकिस्तान में बरपाया था कहर, मुस्कान से जीता था दिल
साल 2004 में जब भारतीय टीम सौरव गांगुली की कप्तानी में ऐतिहासिक दौरे पर पाकिस्तान गई थी, तब बालाजी ने अपनी धारदार गेंदबाजी और अनूठे अंदाज से पाकिस्तान में सनसनी फैला दी थी. उन्होंने न सिर्फ वनडे सीरीज (3-2) और टेस्ट सीरीज (2-1) जीतने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि मैदान पर अपने बिंदास रवैये से सबका दिल जीत लिया.
पाकिस्तान के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की रफ्तार भरी गेंद पर जड़ा उनका करारा छक्का आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा है. एक मैच में अख्तर की गेंद पर उनका बल्ला टूटकर दो टुकड़ों में बंट गया था, लेकिन इसके बावजूद बालाजी चेहरे पर मुस्कान लिए बल्लेबाजी करते रहे. पूरी वनडे सीरीज में उन्होंने बल्ले से 45 रन बनाए, जिसमें 36 रन बाउंड्री से आए थे. पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने एक बार कहा था कि अपनी मासूम मुस्कान और खेल के दम पर बालाजी उस दौरे पर पाकिस्तान के दिग्गज इमरान खान से भी ज्यादा लोकप्रिय हो गए थे.
IPL इतिहास की पहली हैट्रिक का रिकॉर्ड
साल 2008 में जब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हुई, तो बालाजी ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की ओर से खेलते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया. वे IPL के इतिहास में हैट्रिक लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने. उन्होंने पंजाब किंग्स (तत्कालीन किंग्स XI पंजाब) के खिलाफ यह ऐतिहासिक कारनामा किया था.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद बालाजी ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा. वे काफी समय तक चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजी कोच रहे, जहां उन्होंने दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर जैसे कई युवा गेंदबाजों को तराशने में अहम योगदान दिया.
अब मिली टीम इंडिया (India A) की कोचिंग की कमान
अपनी कोचिंग क्षमताओं का लोहा मनवाने के बाद, लक्ष्मीपति बालाजी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है. बालाजी को ‘इंडिया-ए’ (India A) टीम का मुख्य कोच (Head Coach) नियुक्त किया गया है.
इसके अलावा, वे बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) में तेज गेंदबाजी कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दहलीज पर खड़े युवा गेंदबाजों को निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का जिम्मा अब बालाजी के कंधों पर है.