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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. कभी पेमेंट लेकर पेंशेट दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिए जाते हैं तो कभी डॉक्टर ही अवेलेबल नहीं होते. जानें आखिर क्या है पूरा मामला-
अस्पताल है या 'रेफरल सेंटर'? मरीजों से लूट और दुर्व्यवहार पर फूटा लोगों का गुस्सा, धरने पर बैठे, रखीं ये शर्तें
शहर के बांगड़ जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की कार्यशैली के खिलाफ सोमवार को बड़ा विरोध देखने को मिला. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और भीम सेना के संयुक्त तत्वावधान में अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता जुटे और अस्पताल प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं. उनका कहना है कि कई डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं आते और मरीजों को निजी क्लिनिक में बुलाकर इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं. इसके अलावा गंभीर मरीजों को बिना उचित उपचार दिए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है.
आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. न समय पर जांच हो रही है और न ही मरीजों को पर्याप्त दवाइयां मिल रही हैं. डॉक्टरों के बीच आपसी गुटबाजी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. हाल ही में एक प्रसूता को 12 घंटे तक ऑपरेशन थिएटर के बाहर इंतजार करवाने और बाद में रेफर करने की घटना को भी उन्होंने लापरवाही का बड़ा उदाहरण बताया.
धरने पर बैठे युवाओं ने अस्पताल के पीएमओ पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि पीएमओ का स्टाफ पर कोई नियंत्रण नहीं है और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.
RLP नेता गुलशेर खान ने कहा कि बांगड़ अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं. मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है और डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा.
युवा नेता जगमाल धेतरमल ने आरोप लगाया कि डॉक्टर जानबूझकर मरीजों को निजी क्लिनिक में बुलाते हैं, जिससे गरीब मरीजों का शोषण हो रहा है. अस्पताल में आम आदमी को न्याय नहीं मिल रहा. सरपंच, बालिया वसीम अकरम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है. न इलाज सही मिल रहा है और न ही समय पर सुविधा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है.
भीम सेना नेता हरजी राम ने कहा कि अस्पताल में फैली अव्यवस्थाएं बर्दाश्त से बाहर हैं. अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो भीम सेना बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी.
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