जिला सचिवालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त डॉक्टर विरेन्द्र कुमार दहिया ने जिला टास्क फोर्स की बैठक ली व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि 26 अगस्त से शुरू होकर 2 सितंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की अहम जिम्मेदारी होती है। इसके लिए ईमानदारी से कार्य करना होगा।
India News (इंडिया न्यूज), National Deworming Day : जिला सचिवालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त डॉक्टर विरेन्द्र कुमार दहिया ने जिला टास्क फोर्स की बैठक ली व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि 26 अगस्त से शुरू होकर 2 सितंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की अहम जिम्मेदारी होती है। इसके लिए ईमानदारी से कार्य करना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य 1 से 19 वर्ष के बच्चों और किशोरों को पेट के कीड़ों से बचाना। उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर बनाना। एनीमिया (खून की कमी) में कमी को दूर करना, पोषण में सुधार करना प्रमुख है ताकि बच्चों का पढ़ाई में मन लगे और उनकी उपस्थिति बेहतर हो।
उपायुक्त ने बताया कि बच्चे देश के नागरिक हैं हमें अपने बच्चों की तरह सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। बहुत से बच्चों को गंदगी, खराब साफ-सफाई और दूषित पानी की वजह से पेट में कीड़ों की समस्या होती है। यह कीड़े बच्चों के पोषण, पढ़ाई और विकास को प्रभावित करते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को एलबेंडाजोल नामक गोली दी जाती है, जो सुरक्षित और प्रभावी होती है।
उपायुक्त ने बताया कि जो टैबलेट स्वास्थ्य विभाग स्कूल में बच्चों को उपलब्ध कराएगा उनका कोई साइडइफेक्ट नहीं है। वे स्वयं भी इसका उपयोग करते हैं व उनके परिवार के सदस्य भी इन टेबलेट का उपयोग करते हैं। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी स्कूलों में जाकर स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को कृमि मुक्ति टैबलेट (अल्बंडाजोल) निशुल्क उपलब्ध कराएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय मलिक ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ रखना और और दूसरी बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने बताया कि 1-2 वर्ष के बच्चों आधी टैबलेट, 2 वर्ष से ऊपर को पूरी टैबलेट ले सकते है। उन्होंने बताया कि गैर-स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी विशेष वर्ग जैसे ईंट भट्टियों के श्रमिक परिवारों के बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्रों से कवर किया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, समालखा एसडीएम अमित कुमार, इसराना एसडीएम नवदीप नैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय मलिक, डॉ ललित वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा,मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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