जिला पानीपत के बापौली खंड के गांव जलमाना में एक छात्रा ने अपने जन्मदिन के 7 दिन बाद फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से उतार कर युवती को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता के मुताबिक बेटी बीमार थी, इसी वजह से उसने सुसाइड किया। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया।
India News (इंडिया न्यूज), Girl Committed Suicide : जिला पानीपत के बापौली खंड के गांव जलमाना में एक छात्रा ने अपने जन्मदिन के 7 दिन बाद फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से उतार कर युवती को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता के मुताबिक बेटी बीमार थी, इसी वजह से उसने सुसाइड किया।
वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने गमगीन माहौल में मृतका के शव का अंतिम संस्कार किया। जानकारी अनुसार जलमाना निवासी सुरेंद्र ने बताया कि वह चार बच्चों का पिता है, जिसमें दो बेटियां और दो बेटे है। सबसे बड़ी बेटी 18 वर्षीय अन्नू की थी। अन्नू 12वीं पास करने के बाद कंप्यूटर का कोर्स कर रही थी। साथ ही उसने आईटीआई में भी एडमिशन लिया था। अन्नू का 14 जुलाई को जन्मदिन था। इसी को वह 18 साल की हुई थी। सोमवार की शाम को वह दूसरे नंबर की बेटी को सरकारी अस्पताल में दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लाया था। यहां से शाम करीब साढ़े 4 बजे वे वापस घर पहुंचे।
घर पहुंचने पर अन्नू ने ही चाय बनाकर दी। इसके बाद वह ऊपर वाले कमरे में चली गई। कुछ देर बाद वह ऊपर गया, तो देखा कि कमरे का दरवाजा आधा बंद था। शक होने पर वह भीतर गया तो देखा कि बेटी पंखे पर कपड़े के फंदे से लटकी हुई थी। बेटी को फंदे से लटका देख उसके होश उड़ गए। परिवार के अन्य लोग भी आ गए। उन्होने तुरंत कंट्रोल रूम नंबर डायल 112 पर कॉल की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बेटी को फंदे से उतार कर तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के उपरांत पुलिस ने कार्यवाही करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया। जिसकी बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मृतका के शव का अंतिम संस्कार किया।
पिता सुरेंद्र ने बताया कि दूसरी बेटी शारीरिक दिव्यांग है। दो छोटे बेटे कार्तिक और लव है। वह मजदूरी का काम करता है। उसकी बड़ी बेटी अन्नू पिछले काफी समय से महिला समस्या से जूझ रही थी, जिसका इलाज भी चल रहा था। मगर, नियमित इलाज के बावजूद वह ठीक नहीं हो रही थी। इसी से वह परेशान रहती थी। शायद इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
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