Haryana News: हरियाणा रेरा ने चिंटल्स इंडिया को चिंटल्स पैराडिसो में एक घर खरीदने वाले को 4 करोड़ रुपये से ज़्यादा का भुगतान करने का आदेश दिया है. रेरा ने डेवलपर को निर्माण में गंभीर कमियों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है, जिनकी वजह से यह प्रोजेक्ट रहने के लिए असुरक्षित हो गया था.
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Haryana News: हरियाणा रेरा ने चिंटल्स इंडिया को चिंटल्स पैराडिसो में एक घर खरीदने वाले को 4 करोड़ रुपये से ज़्यादा का भुगतान करने का आदेश दिया है. रेरा ने डेवलपर को निर्माण में गंभीर कमियों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है, जिनकी वजह से यह प्रोजेक्ट रहने के लिए असुरक्षित हो गया था. यह आदेश 10 फरवरी, 2022 को टावर D के ढहने के बाद हुई लगातार ऑडिट के बाद आया है. इस घटना में दो निवासियों की मौत हो गई थी और पूरे कॉम्प्लेक्स में गंभीर ढांचागत कमियां सामने आई थीं. ये शिकायत दिल्ली की रहने वाली अरुणा गर्ग ने दर्ज कराई थी, जिन्होंने टावर C में 4BHK फ्लैट खरीदा था और इसके लिए 1.8 करोड़ रुपये से ज़्यादा का भुगतान किया था, जो तय बिक्री मूल्य से कहीं ज़्यादा था.
अक्टूबर 2019 में कब्ज़ा लेने के बाद, गर्ग ने जल्द ही टाइलों में दरारें, फर्श का ऊबड़-खाबड़ होना और बालकनियों व आम जगहों पर टूट-फूट की शिकायत की. आदेश के अनुसार, इन कमियों के बारे में डेवलपर को बार-बार बताया गया था, लेकिन उन पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया. टावर D के ढहने के बाद इस मामले का महत्व और भी बढ़ गया. ज़िला-स्तरीय जांच और IIT-दिल्ली सहित अन्य संस्थाओं द्वारा किए गए ढांचागत ऑडिट में पाया गया कि कई टावरों में इस्तेमाल हुए स्टील में बड़े पैमाने पर जंग लग गई थी. इस टूट-फूट का कारण निर्माण के दौरान कंक्रीट में मिले क्लोराइड थे.
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विशेषज्ञों ने ये निष्कर्ष निकाला कि इमारत की हालत इतनी ज़्यादा बिगड़ चुकी थी कि उसकी मरम्मत करना न तो तकनीकी रूप से सही था और न ही
आर्थिक रूप से फ़ायदेमंद. 30 मार्च को दिए अपने आदेश में, रेरा के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने कहा कि इन कमियों के लिए घर खरीदने वाले को दोषी नहीं ठहराया जा सकता और “प्रोजेक्ट का निर्माण तय मानकों के अनुसार करना पूरी तरह से डेवलपर (प्रतिवादी) की ज़िम्मेदारी थी.” रेरा ने यह भी कहा कि खरीदारों से “अंतरराष्ट्रीय मानकों” के अनुसार निर्माण का वादा किया गया था, लेकिन असल में यह प्रोजेक्ट रहने लायक ही नहीं रह गया था. प्राधिकरण ने प्रभावित खरीदारों के लिए पहले चर्चा किए गए दो मुख्य विकल्पों पर भी विचार किया जिसमे मुआवज़ा या पुनर्निर्माण शामिल है.
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