Odisha News: ओडिशा में रोजगार तलाश रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित ‘इंडिया केम 2026’ के दौरान ओडिशा को कुल 53,893.51 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 20,210 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है.
कार्यक्रम के दौरान ओडिशा सरकार ने विभिन्न कंपनियों के साथ नौ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जबकि चार अन्य निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए. ये निवेश ऊर्जा, केमिकल, पेट्रोकेमिकल, टेक्सटाइल, कृषि प्रसंस्करण और मैन्युफैक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं.
किन क्षेत्रों पर है ओडिशा सरकार का विशेष जोर?
निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी एनएलसी इंडिया लिमिटेड की है. कंपनी ने पावर और केमिकल सेक्टर में कुल 36,763.51 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है. वहीं, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने 8,100 करोड़ रुपये और पारादीप फॉस्फेट्स लिमिटेड ने 4,750 करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तुत की है.
इसके अलावा जेएसडब्ल्यू ड्यूरा, सोलर इंडस्ट्रीज, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, शिवराज स्पिनिंग मिल्स सहित अन्य कंपनियों ने भी ओडिशा में निवेश करने में रुचि दिखाई है.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मुंबई दौरे के दौरान प्रमुख उद्योगपतियों और व्यावसायिक प्रतिनिधियों के साथ 25 बैठकें कीं. इन बैठकों में एलएंडटी के एस.एन. सुब्रह्मण्यन, जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल और पॉस्को इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ निवेश एवं औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
राज्य सरकार का विशेष जोर पारंपरिक धातु आधारित उद्योगों के साथ-साथ केमिकल, पेट्रोकेमिकल, टेक्सटाइल और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर है. प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
अक्टूबर 2027 में भुवनेश्वर में होगा इंडिया केम सम्मेलन
इंडिया केम 2026 के दौरान एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई. सीएम माझी के अनुसार, केंद्र सरकार और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के साथ चर्चा के बाद अगला इंडिया केम सम्मेलन अक्टूबर 2027 में भुवनेश्वर में आयोजित करने पर सहमति बनी है.
इस सम्मेलन से ओडिशा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने अपनी औद्योगिक क्षमताओं और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. इससे राज्य में नए निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में निवेश आकर्षित करने के लिए की जा रही ये पहल ओडिशा को पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं.
प्रस्तावित परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है.