महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित अष्टविनायक तीर्थस्थल पाली कस्बे में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के बीच गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
हाल ही में इस इलाके से गुजर रही 10 वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर उसे बुरी तरह काट लिया. इस घटना से लोग दहशत में हैं.
10 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों ने किया हमला
पीड़िता अक्षरा बलिराम कंक पर चौधरी के गोदाम के पास, तहसील कार्यालय के सामने, आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया. कुत्तों ने उसे पेट, जांघ और हाथ पर तीन जगहों पर काट लिया. इस हमले में वह बुरी से घायल और भयभीत हो गई. उसे तुरंत अलीबाग के एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ.
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ दृश्य
इस भयावह घटना को इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद कर लिया गया. सौभाग्य से, पास में काम कर रही एक महिला और एक युवक ने हमले को देखा और तुरंत मदद के लिए दौड़े. वे कुत्तों को भगाने में कामयाब रहे, जिससे स्थिति और गंभीर होने से बच गई और लड़की को और अधिक चोट लगने से बचाया जा सका.
ठाणे के एक श्रद्धालु पर भी हमला हुआ
इस घटना ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं क्योंकि हाल ही में इसी तीर्थ नगर में एक और आवारा कुत्ते के हमले की घटना सामने आई थी. अक्षरा पर हमले से कुछ ही दिन पहले, ठाणे की एक महिला श्रद्धालु, जो पाली में बल्लालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आई थी, को भी मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था.
पाली में आवारा कुत्तों से जुड़ी बार-बार हो रही घटनाओं के कारण, इस महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, खासकर उन इलाकों में जहां पैदल यात्री और तीर्थयात्री अक्सर आते-जाते हैं. बार-बार हो रहे हमलों ने अब आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने और पाली आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपायों की आवश्यकता पर नए सिरे से ध्यान दिलाया है.