Bhuvneshwar News: ओडिशा के जयमपुर में 50 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें केन्द्रीय योजनाओं की राशि लाभार्थियों के खातों से मोबाइल नंबर बदलकर गबन की गई. जयमपुर पोस्टल डिवीजन का आरोप है कि विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में आने वाली राशि को सीधे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. इस पूरे गबन में सब पोस्टमास्टरों की संलिप्तता बताई जा रही है.
मोबाइल नंबर धोखे से बदले
जानकारी के अनुसार खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों को धोखे से बदल दिया गया, जिससे रकम निकासी का कोई संदेश असली खाताधारकों तक नहीं पहुंचता था. जिससे वो सारे मामलों से अनिभिज्ञ रहते थे. इसी का फायदा उठाकर कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये का गबन किया.
सब पोस्टमास्टर के नाम पर 100 के करीब खाते
जयमपुर पोस्टल डिवीजन के तहत 700 ग्रामीण डाकघर और 41 सब पोस्ट ऑफिस है, जहां 25 हजार से अधिक खाते संचालित हो रहे हैं. आरोप है कि इनमें से करीब 5 हजार खातों से रकम गबन की गई और अधिकतर गड़बड़ियां सब पोस्ट ऑफिस पर की गई.
केन्द्रीय योजनाओं की राशियां जो कि सरकार के द्वारा खाताधारकों को विभिन्न योजनाओं के तहत दी जाती है, उन रुपयों का घोटाला वाकई में शर्मनाक है.
पिछले कई सालों से चल रहा था खेल
आरोप है कि डिजिटल भुगतान और यूपीआई की जानकारी नहीं रखने वाले ग्रामीण लाभार्थियों के खातों को निशाना बनाया गया. गौरतलब है कि वर्ष 2021 से ही विभागीय कर्मचारी केन्द्रीय योजनाओं की राशि में हेराफेरी कर रहे थे. झरिगांव, डाबूगांव और कोड़िंगा सब पोस्ट ऑफिस में बिना KYC के रकम निकाले जाने की बात सामने आई है.
ज्ञात हो कि मनरेगा समेत करीब 300 केन्द्रीय योजनाओं की राशि ग्रामीण लाभार्थियों के खातों में आती है. लंबे अंतराल तक जिन खातों से रकम को नहीं निकाला गया, उन खातों को निशाना बनाकर सब पोस्टमास्टरों ने इन पैसो का घोटाला अपने या अन्य खातों में रकम डालकर किया.
उच्चस्तरीय जांच की मांग हुई तेज
इस मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर आयोजित प्रेस कॅान्फ्रेंस में पूर्व मंत्री रबि नारायण नंद, पूर्व सांसद प्रदीप माझी, बीजद राज्य उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा, वरिष्ठ बीजद नेता सरोज पात्र, जिला बीजद कार्यकारी अध्यक्ष दुर्गा मिश्रा और युवा बीजद नेता धर्मेंद्र अधिकारी समेत कई नेताओं ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.