Delhi Karnal Interstate Electric Bus: राजधानी दिल्ली से करनाल जाने वाले यात्रियों को अब सफर का नया और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा. डीटीसी ने दिल्ली-करनाल रूट पर पांच इलेक्ट्रिक, एसी बसों का संचालन शुरू कर दिया है. लगभग 133 किलोमीटर लंबे इस रूट पर बसें दोनों दिशाओं में रोजाना 10 ट्रिप लगाएंगी. इसके साथ ही दिल्ली में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें और 56 लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी है. यानी आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन को लेकर दिल्ली के लोगों को कई नई सुविधाएं मिलने वाली हैं.
दिल्ली से करनाल जाना होगा आसान
नई अंतरराज्यीय बस सेवा महाराणा प्रताप आईएसबीटी, कश्मीरी गेट को सीधे हरियाणा के करनाल से जोड़ेगी. इस रूट में सिंघू बॉर्डर, राय, भालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंदा और मधुबन जैसे प्रमुख स्थान शामिल होंगे. डीटीसी की पांच इलेक्ट्रिक एसी बसें करीब 133 किलोमीटर के वन-वे कॉरिडोर पर चलेंगी. दोनों दिशाओं में मिलाकर रोजाना 10 ट्रिप लगाए जाएंगे। इससे दिल्ली और करनाल के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प मिलेगा.
दिल्ली को मिलेंगी 200 नई इलेक्ट्रिक बसें
दिल्ली सरकार राजधानी के बस बेड़े को भी मजबूत करने जा रही है. 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में शामिल किया जाएगा. इसके बाद दिल्ली में बसों की कुल संख्या लगभग 6800 हो जाएगी. इनमें 4938 इलेक्ट्रिक बसें और 1750 सीएनजी बसें शामिल होंगी. नई 200 इलेक्ट्रिक बसों में 12 मीटर वाली 88 बसें और 9 मीटर वाली 112 देवी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. इसके अलावा सरकार राजधानी में 56 लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू करेगी.
ईवी चार्जिंग स्टेशन में लगी लागत
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग की सुविधा पर भी जोर दिया जा रहा है. राजघाट डिपो-1 में पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है. इस स्टेशन के निर्माण पर 5.50 करोड़ रुपये की लागत आई है. बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हरी झंडी दिखाकर इन सेवाओं की शुरुआत करेंगे. दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि नई बसों के शामिल होने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी.
दिल्ली में पीडब्ल्यूडी का अपना इंजीनियर कैडर
दिल्ली सरकार निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों का अपना कैडर बनाने की तैयारी कर रही है. सरकार ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. कैडर बनाने का प्रस्ताव सेवा एवं वित्त विभाग को भेजा गया था. अब इसे मंजूरी के लिए शहरी विकास मंत्रालय भेजा गया है. अनुमति मिलने के बाद यूपीएससी के माध्यम से दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी के लिए जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे निर्माण से जुड़े कामों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी.