राजस्थान के पांच बड़े नगर निगमों में मेयर (महापौर) पद के लिए हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं. कांटे की टक्कर, राजनीतिक जोड़-तोड़ और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 4 नगर निगमों में अपना बोर्ड बनाकर मेयर का पद हासिल किया है. वहीं, कांग्रेस ने 1 नगर निगम में स्पष्ट बहुमत के साथ जीत दर्ज कर अपना परचम लहराया है.
पांचों नगर निगमों के चुनावी नतीजे इस प्रकार हैं:
1. अजमेर नगर निगम
अजमेर नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला. 80 सीटों वाले इस निगम में कांग्रेस 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन वह बहुमत के आंकड़े (41 वोट) से थोड़ी दूर रह गई.
दूसरी तरफ, केवल 32 सीटें जीतने वाली बीजेपी ने 11 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल कर बाजी पलट दी. वोटिंग में बीजेपी प्रत्याशी अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट ही मिल सके. अनामिका शर्मा ने 6 वोटों से यह चुनाव जीतकर अजमेर की नई मेयर का पद संभाला.
2. बीकानेर नगर निगम
बीकानेर नगर निगम में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी. 80 वार्डों वाले इस निगम में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार किया. मेयर चुनाव की वोटिंग में कांग्रेस के अनिल कल्ला को कुल 50 वोट मिले. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत को हराकर बीकानेर के नए मेयर के रूप में कमान संभाली.
3. उदयपुर नगर निगम
उदयपुर नगर निगम में बीजेपी ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी. 80 वार्डों वाले इस नगर निगम में बीजेपी ने 53 सीटें जीतकर अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. बीजेपी प्रत्याशी पारस सिंघवी ने आसानी से जरूरी वोट हासिल किए और उदयपुर के नए मेयर चुने गए.
4. पाली नगर निगम
65 सीटों वाले पाली नगर निगम में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा. चुनाव नतीजों में कांग्रेस के पास 29 सीटें थीं और वह बहुमत के आंकड़े 33 से काफी करीब थी. हालांकि, बीजेपी ने केवल 21 सीटें होने के बावजूद निर्दलीय पार्षदों के सहयोग और रणनीति के दम पर जादूई आंकड़ा (33 वोट) छू लिया. बीजेपी की नमिता बुबाकिया विजयी रहीं और उन्होंने पाली की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास रच दिया.
5. अलवर नगर निगम
अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में किसी भी पार्टी को सीधा बहुमत नहीं मिला था. चुनाव में बीजेपी को 28 और कांग्रेस को 23 सीटें मिली थीं. इसके बाद बीजेपी ने 13 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल किया. वोटिंग के दौरान बीजेपी प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल ने 42 वोट हासिल कर अपनी ताकत साबित की और मेयर का पद जीता. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी कामेश शर्मा को 23 वोट मिले.