Ganga Expressway Toll Free:गंगा एक्सप्रेसवे को PPP मॉडल के तहत DBFOT (टोल) आधार पर बनाया गया था. इस मॉडल के तहत, कंसेशनेयर को 27 साल की कंसेशन अवधि के लिए टोल वसूलने का अधिकार है. 15 दिन की टोल छूट का पैसा राज्य सरकार/UPEIDA द्वारा कंसेशनेयर को वापस किया जाएगा. गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जो पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ता है और तेज़ और सुरक्षित यात्रा देता है.
15 दिन तक बिना टोल दिए यात्री गंगा एक्सप्रेसवे पर भर सकेंगे फर्राटा
Ganga Expressway Toll Free: गंगा एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद 15 दिनों तक टोल-फ्री रहेगा, ताकि आम जनता इसका अनुभव कर सके. यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की. UPEIDA ने मेसर्स IRB इंफ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर को इस पहल को लागू करने का निर्देश दिया है. यह आदेश फाइनल सर्टिफिकेशन के बाद जारी किया गया.
गंगा एक्सप्रेसवे को PPP मॉडल के तहत DBFOT (टोल) आधार पर बनाया गया था. इस मॉडल के तहत, कंसेशनेयर को 27 साल की कंसेशन अवधि के लिए टोल वसूलने का अधिकार है. 15 दिन की टोल छूट का पैसा राज्य सरकार/UPEIDA द्वारा कंसेशनेयर को वापस किया जाएगा.
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जो पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ता है और तेज़ और सुरक्षित यात्रा देता है.
लखनऊ गंगा एक्सप्रेसवे पर 594 किलोमीटर के सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इस एक्सप्रेसवे पर मौसम के अनुकूल बिटुमेन लेयर (DBM) की मोटाई 100 मिलीमीटर तक दी गई है. यह टेक्नोलॉजी सड़क को अत्यधिक गर्मी और भारी बारिश के असर से बचाती है. इसके लिए 3,67,022 मीट्रिक टन डामर का इस्तेमाल किया गया.
UPEIDA अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे को मजबूत बनाने के लिए मिट्टी की मजबूती का पैमाना अपनाया गया. कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो (CBR) का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वैल्यू आठ थी, जो बेहद स्थिर और ठोस नींव को दिखाता है. एक्सप्रेसवे पर 190 मिलियन क्यूबिक मीटर मिट्टी, 2,78,380 मीट्रिक टन स्टील, 14,83,313 मीट्रिक टन सीमेंट और 41.88 लाख क्यूबिक मीटर रेत का भी इस्तेमाल किया गया. स्ट्रक्चरल मजबूती के हर पहलू को ध्यान में रखकर काम पूरा किया गया. सड़क की निचली और ऊपरी लेयर को पक्का करने के लिए 15.458 मिलियन क्यूबिक मीटर मिट्टी का इस्तेमाल किया गया.
एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे की कुल मोटाई 485 मिलीमीटर से 500 मिलीमीटर तक है. यह आधा मीटर मोटा मल्टी-लेयर्ड स्ट्रक्चर यह पक्का करता है कि सड़क भारी ट्रैफिक लोड आसानी से झेल सके. एक्सप्रेसवे की कैपेसिटी 79 से 108 मिलियन स्टैंडर्ड एक्सल (MSA) मापी गई है. अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेसवे बिना किसी स्ट्रक्चरल डैमेज के लाखों भारी मालवाहक गाड़ियों का लोड झेल सकता है.
25.4 मिलियन मैन-डे की मेहनत और लाखों टन हाई-क्वालिटी कंस्ट्रक्शन मटीरियल एक्सप्रेसवे की सेफ्टी और रिलायबिलिटी पक्का करते हैं. डिज़ाइन क्रस्ट टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस कॉस्ट भी कम करेगी. आरामदायक और सुरक्षित यात्रा पक्का करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लेटेस्ट स्विस सेंसर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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