Lucknow Triple Murder Case: लखनऊ के सआदतगंज इलाके में कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन लोगों की मौत के साथ खत्म हुआ. सोमवार को हुई इस गोलीबारी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई. मृतकों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला सह-कार्यवाह शिवाजी तिवारी भी शामिल थे. घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे तो पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया.
मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सआदतगंज थाने के प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को सस्पेंड किया गया है. वहीं मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
कार खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, घटना नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला इलाके की है. यहां एक खाली भूखंड पर कार पार्क करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. देखते ही देखते मामला बढ़ गया और गोलीबारी होने लगी. इसमें तिवारी परिवार के शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी और सुयश तिवारी की मौत हो गई. शिवेंद्र तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार किया है. उसके पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और चार खोखे बरामद किए गए हैं. आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है.
दो अधिकारी निलंबित
घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी नाराजगी सामने आई. भाजपा नेताओं और RSS से जुड़े लोगों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव अभिजात मिश्रा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि पुलिस को आरोपी के बारे में जानकारी थी और समय रहते कदम उठाए जाते तो घटना रोकी जा सकती थी. उन्होंने पूरे थाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित किया है. पुलिस का कहना है कि केस में कानूनी कार्रवाई जारी है और इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है.