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Lucknow University: अब फ्री में नहीं मिलेगी LU की डिग्री, हर छात्र को देनी होगी इतनी फीस

Lucknow University Degree Fees: लखनऊ विश्वविद्यालय में अब तक छात्रों को डिग्री नि:शुल्क दी जाती थी. हालांकि, कोर्स पूरा होने के तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद डिग्री लेने वाले छात्रों से शुल्क जमा कराया जाता था. लेकिन अब विश्वविद्यालय ने अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हुए डिग्री के लिए 1,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है.

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Published: October 13, 2026 08:16:00 IST
Last Updated: 2026-10-13 11:42:07

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University Degree Charges: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में पढ़ने वाले छात्रों को अब डिग्री के लिए शुल्क देना होगा. विश्वविद्यालय ने नए सत्र से डिग्री पर भी फीस लागू कर दी है. इसके तहत प्रत्येक छात्र को डिग्री के लिए 1,000 रुपये का शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करना होगा. यह नियम विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ने वाले छात्रों के साथ ही संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों पर भी लागू होगा.

विश्वविद्यालय के इस फैसले का असर नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पड़ेगा. वहीं, पहले से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही कोर्स पूरा होने पर नि:शुल्क डिग्री दी जाएगी.

नए छात्रों को देना होगा डिग्री शुल्क

लखनऊ विश्वविद्यालय में अब तक छात्रों को डिग्री नि:शुल्क दी जाती थी. हालांकि, कोर्स पूरा होने के तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद डिग्री लेने वाले छात्रों से शुल्क जमा कराया जाता था. लेकिन अब विश्वविद्यालय ने अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हुए डिग्री के लिए 1,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है. नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को यह राशि फीस के साथ ही जमा करनी होगी. इसके बाद कोर्स पूरा होने पर उन्हें डिग्री दी जाएगी.

2028 से पीजी और 2029 से यूजी छात्रों पर दिखेगा असर

नई व्यवस्था के तहत इस साल पीजी में दाखिला लेने वाले छात्र 2028 में पासआउट होंगे. वहीं, यूजी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का बैच 2029 में पासआउट होगा. ऐसे में नए नियम का वास्तविक असर इन बैचों के छात्रों पर दिखाई देगा. दूसरी ओर, पहले से विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही नि:शुल्क डिग्री दी जाएगी.

डिग्री छात्रों के घर भेजता है विश्वविद्यालय

लखनऊ विश्वविद्यालय में कुछ साल पहले तक छात्रों को डिग्री लेने के लिए परिसर आना पड़ता था. हालांकि, अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है. दीक्षांत समारोह के बाद विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की डिग्रियां डाक के माध्यम से उनके घर भेजी जाती हैं. डाक से डिग्री भेजने का खर्च भी विश्वविद्यालय स्वयं वहन करता है. अब नई व्यवस्था के तहत डिग्री के लिए छात्रों से शुल्क लिया जाएगा.

परीक्षा और कोर्स फीस में भी हुई बढ़ोतरी

लखनऊ विश्वविद्यालय में डिग्री शुल्क के अलावा परीक्षा शुल्क में भी इस साल से बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही संबद्ध कॉलेजों पर कई अन्य शुल्क भी लागू किए गए हैं. इसके चलते परीक्षा शुल्क शासन की ओर से निर्धारित शुल्क की तुलना में लगभग डेढ़ गुना तक पहुंच गया है.

इसके अलावा विश्वविद्यालय ने विभिन्न कोर्सों की फीस में भी बढ़ोतरी की है. इससे विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कई पाठ्यक्रमों की फीस संबद्ध कॉलेजों की तुलना में काफी अधिक हो गई है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुल्क में बढ़ोतरी के पीछे शासन से पर्याप्त अनुदान नहीं मिलने को प्रमुख वजह बताया है. अनुदान की कमी के कारण शिक्षकों के वेतन समेत अन्य खर्चों का वहन विश्वविद्यालय को अपने स्तर पर करना पड़ रहा है. ऐसे में खर्चों की भरपाई के लिए विश्वविद्यालय की ओर से अलग-अलग शुल्कों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं.

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Edited By: Uttam Ojha
Published: October 13, 2026 08:16:00 IST
Last Updated: 2026-10-13 11:42:07

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University Degree Charges: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में पढ़ने वाले छात्रों को अब डिग्री के लिए शुल्क देना होगा. विश्वविद्यालय ने नए सत्र से डिग्री पर भी फीस लागू कर दी है. इसके तहत प्रत्येक छात्र को डिग्री के लिए 1,000 रुपये का शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करना होगा. यह नियम विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ने वाले छात्रों के साथ ही संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों पर भी लागू होगा.

विश्वविद्यालय के इस फैसले का असर नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पड़ेगा. वहीं, पहले से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही कोर्स पूरा होने पर नि:शुल्क डिग्री दी जाएगी.

नए छात्रों को देना होगा डिग्री शुल्क

लखनऊ विश्वविद्यालय में अब तक छात्रों को डिग्री नि:शुल्क दी जाती थी. हालांकि, कोर्स पूरा होने के तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद डिग्री लेने वाले छात्रों से शुल्क जमा कराया जाता था. लेकिन अब विश्वविद्यालय ने अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हुए डिग्री के लिए 1,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है. नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को यह राशि फीस के साथ ही जमा करनी होगी. इसके बाद कोर्स पूरा होने पर उन्हें डिग्री दी जाएगी.

2028 से पीजी और 2029 से यूजी छात्रों पर दिखेगा असर

नई व्यवस्था के तहत इस साल पीजी में दाखिला लेने वाले छात्र 2028 में पासआउट होंगे. वहीं, यूजी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का बैच 2029 में पासआउट होगा. ऐसे में नए नियम का वास्तविक असर इन बैचों के छात्रों पर दिखाई देगा. दूसरी ओर, पहले से विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही नि:शुल्क डिग्री दी जाएगी.

डिग्री छात्रों के घर भेजता है विश्वविद्यालय

लखनऊ विश्वविद्यालय में कुछ साल पहले तक छात्रों को डिग्री लेने के लिए परिसर आना पड़ता था. हालांकि, अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है. दीक्षांत समारोह के बाद विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की डिग्रियां डाक के माध्यम से उनके घर भेजी जाती हैं. डाक से डिग्री भेजने का खर्च भी विश्वविद्यालय स्वयं वहन करता है. अब नई व्यवस्था के तहत डिग्री के लिए छात्रों से शुल्क लिया जाएगा.

परीक्षा और कोर्स फीस में भी हुई बढ़ोतरी

लखनऊ विश्वविद्यालय में डिग्री शुल्क के अलावा परीक्षा शुल्क में भी इस साल से बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही संबद्ध कॉलेजों पर कई अन्य शुल्क भी लागू किए गए हैं. इसके चलते परीक्षा शुल्क शासन की ओर से निर्धारित शुल्क की तुलना में लगभग डेढ़ गुना तक पहुंच गया है.

इसके अलावा विश्वविद्यालय ने विभिन्न कोर्सों की फीस में भी बढ़ोतरी की है. इससे विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कई पाठ्यक्रमों की फीस संबद्ध कॉलेजों की तुलना में काफी अधिक हो गई है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुल्क में बढ़ोतरी के पीछे शासन से पर्याप्त अनुदान नहीं मिलने को प्रमुख वजह बताया है. अनुदान की कमी के कारण शिक्षकों के वेतन समेत अन्य खर्चों का वहन विश्वविद्यालय को अपने स्तर पर करना पड़ रहा है. ऐसे में खर्चों की भरपाई के लिए विश्वविद्यालय की ओर से अलग-अलग शुल्कों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं.

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