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डिजिटल अरेस्ट हुए माता-पिता, बच्चे ने लगाया गजब का जुगाड़, फ्लॉप कर दिया स्कैमर्स का खेल

हाल ही में साइबर ठगों ने एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर लिया. इस तरह की घटना से वे काफी डर गए थे. हालांकि उनके बच्चे ने अपना दिमाग लगाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट से बचा लिया. साथ ही आर्थिक जोखिम से भी उन्हें बचा लिया.

Digital Arrest: डिजिटल युग में स्कैमर्स भी तरह-तरह के तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. वे कभी मैसेज, कभी ईमेल, कभी फेक ऐप्लिकेशन और तमाम तरीकों से लोगों के बैंक अकाउंट को खाली कर देते हैं. इसी के साथ डिजिटल ठग अक्सर लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं. हाल ही में डिजिटल अरेस्ट का एक मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने लगभग 10 घंटों तक एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर लिया. उन्होंने उन्हें डराया-धमकाया और पूरी तरह से उन्हें कब्जे में कर लिया. वहीं कक्षा 8 के छात्र ने खतरे को भांपते हुए कुछ ऐसा किया कि हर तरफ उसकी तारीफ हो रही है.

फर्जी वारंट दिखाते रहे स्कैमर्स

दरअसल, दंपति को लगभग 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया गया. उन्हें धमकाया गया और पूरी तरह नियंत्रण में रखा गया. साइबर ठग खुद को अधिकारी बताकर उन पर आतंक से जुड़े झूठे आरोप लगाते रहे. उन्होंने वीडियो कॉल पर फर्जी वारंट दिखाए और वर्दी भी पहनी हुई थी. उन्हें लगातार कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर करते रहे. दंपति डर के कारण उनसे न कोई सवाल कर रहे थे और न ही कोई हलचल कर रहे थे. इसी दौरान कक्षा 8 के छात्र को लगा कि कुछ गड़बड़ है. 

बच्चे ने आर्थिक जोखिम से किया बचाव

उस बच्चे ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन डर ने पहले से ही उनके मन में इस कदर घर बना लिया था कि वे कुछ भी मानने को राजी ही नहीं थे. तब बच्चे ने गजब का दिमाग लगाया और एक छोटा सा कदम उठाया, जिसने उन्हें बड़े जोखिम से बचा लिया. उसने चुपचाप फोन उठाया और उसे फ्लाइट मोड पर डाल दिया. बस उसी पल कॉल कट गई और ठगों का पूरा खेल ध्वस्त हो गया. छात्र के इस कदम से हजारों या शायद लाखों का नुकसान होने से बच गया.

पुलिस ने उठाया ठगों का फोन

इसके बाद उन लोगों ने इस बारे में पुलिस को जानकारी दी. हालांकि ठगों ने इसके बावजूद हार नहीं मानी और अगली सुबह दोबारा दंपति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन इस बार फोन पुलिस ने उठाया. इस तरह पूरे मामले में छात्र ने जो कदम उठाया, सभी लोग उसकी सराहना कर रहे हैं. वहीं पुलिस भी लोगों से साइबर क्राइम से बचने और डिजिटल अरेस्ट के जाल से बचने की अपील कर रही है. पुलिस का कहना है कि ऐसा कॉल आता है, तो उसे न उठाएं या डिसकनेक्ट कर दें और पुलिस को इसके बारे में जानकारी दें.

Deepika Pandey

दीपिका पाण्डेय साल 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने 2020 में BJMC की डिग्री ली. इसके बाद ही उन्होंने खबर टुडे न्यूज, डीएनपी न्यूज, दैनिक खबर लाइव आदि चैनल्स में एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में काम किया. इसके बाद उन्होंने हरिभूमि वेबसाइट पर काम किया. वर्तमान समय में दीपिका इंडिया न्यूज चैनल में बतौर सीनियर कॉपी राइटर कार्यरत हैं.

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