France Supermarket Cyberattack: फ्रांस में साइबर हमले की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां हैकर्स ने सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाया, जिससे कई दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान अचानक बढ़ गया। कुछ स्टोर्स में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की खबर है। इसके कारण बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री खराब हो गई और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
सैकड़ों सुपरमार्केट पर पड़ा असर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साइबर हमले से फ्रांस की कई प्रमुख सुपरमार्केट चेन प्रभावित हुई हैं। इनमें इंटरमार्शे, कैरेफोर और कोऑपरेटिव यू जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंटरमार्शे की संचालक कंपनी लेस मौस्केटेयर ने बताया कि उसके करीब 150 स्टोर्स में रेफ्रिजरेशन सिस्टम प्रभावित हुआ. कुछ जगहों पर तापमान लगभग छह घंटे तक असामान्य रूप से ऊंचा बना रहा.
कैरेफोर ने भी अपने करीब 80 स्टोर्स में समस्या की जानकारी दी। इस दौरान फ्रोजन फूड, मांस, डेयरी उत्पाद और अन्य जल्दी खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित सामान को हटाना पड़ा.
हैकर्स ने कैसे बढ़ाया फ्रिज का तापमान?
आधुनिक सुपरमार्केट में फ्रिज और फ्रीजर को डिजिटल कंट्रोल सिस्टम के जरिए संचालित किया जाता है। इनकी मदद से कर्मचारी एक साथ कई मशीनों के तापमान की निगरानी कर सकते हैं। लेकिन यदि इन सिस्टम तक किसी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच हो जाए, तो वह उनकी सेटिंग में बदलाव कर सकता है.
शुरुआती रिपोर्टों में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के डिफ्रॉस्ट फंक्शन के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। यह प्रक्रिया सामान्य रूप से मशीन में जमी बर्फ हटाने के लिए इस्तेमाल होती है। हालांकि, जांच पूरी होने तक हमले का सटीक तरीका स्पष्ट नहीं है.
Danfoss सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल
इस मामले में डेनमार्क की कंपनी Danfoss के रेफ्रिजरेशन कंट्रोल सिस्टम का भी जिक्र हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रभावित उपकरण पुराने फर्मवेयर पर चल रहे थे। फर्मवेयर वह सॉफ्टवेयर है, जो किसी डिवाइस के बुनियादी कामकाज को नियंत्रित करता है.
पुराने सॉफ्टवेयर में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों का फायदा साइबर अपराधी उठा सकते हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि फ्रांस में हुए हमले का सीधा संबंध किसी खास सुरक्षा खामी से था या नहीं.
फ्रांस सरकार ने शुरू कराई जांच
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ANSSI को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावरों ने सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई और इसके पीछे किसका हाथ है.
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इंटरनेट से जुड़े औद्योगिक उपकरण कितने सुरक्षित हैं। अब साइबर हमलों का खतरा केवल वेबसाइट और कंप्यूटर तक सीमित नहीं है। रेफ्रिजरेशन जैसी जरूरी सुविधाओं को नियंत्रित करने वाले सिस्टम भी निशाने पर आ सकते हैं.
फिलहाल, हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों, कुल आर्थिक नुकसान और संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर जांच जारी है।