Security Guard Life In India Reality: यह मुद्दा हमारे समाज के उस ‘दोहरेपन’ को दर्शाता है जहां हम सुरक्षा तो चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा देने वाले के प्रति सम्मान और दया भूल जाते हैं, यह केवल एक सुरक्षा गार्ड की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों उन कर्मचारियों की है जो बिना किसी बुनियादी ढांचे के काम करते हैं, सोसाइटी मेंबर्स के लिए एक छोटा सा निवेश (जैसे एक पंखा या ढका हुआ केबिन) उस गार्ड के जीवन को काफी आसान बना सकता है, मच्छरदानी का सहारा लेना इस बात का प्रमाण है कि इलाका मच्छरों से भरा है, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा ड्यूटी पर तैनात गार्ड के लिए हर समय बना रहता है, जैसा कि कहा गया है— “गरीबों के प्रति दया मर गई है, यह भविष्य में एक बड़े सामाजिक असंतुलन का कारण बन सकती है बिल्डरों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ड्यूटी प्वाइंट्स पर कम से कम बैठने और मच्छरों से बचाव की उचित व्यवस्था हो.
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