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HomeVideosसोसाइटी में AC की ठंडी हवा और गेट पर मच्छरदानी में कैद ‘पहरेदार’, क्या सुरक्षा देने वाले की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी नहीं?

सोसाइटी में AC की ठंडी हवा और गेट पर मच्छरदानी में कैद ‘पहरेदार’, क्या सुरक्षा देने वाले की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी नहीं?

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-17 16:11:17

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर या वीडियो ने भारत में 'सिक्योरिटी गार्ड लाइफ' की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है, वीडियो में देखा जा सकता है कि एक गार्ड मच्छरों से बचने के लिए अपनी कुर्सी के चारों ओर मच्छरदानी लगाकर खड़ा है और जागकर अपनी ड्यूटी कर रहा है, जहां सोसाइटी के अंदर लोग एसी की आरामदायक हवा में सो रहे हैं, वहीं उनकी रक्षा करने वाला शख्स रात भर मच्छरों के काटने और बीमारियों के खतरे से जूझ रहा है, यह मामला सिर्फ सुविधाओं का नहीं, बल्कि समाज में कम होती सहानुभूति का है.


Security Guard Life In India Reality: यह मुद्दा हमारे समाज के उस ‘दोहरेपन’ को दर्शाता है जहां हम सुरक्षा तो चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा देने वाले के प्रति सम्मान और दया भूल जाते हैं, यह केवल एक सुरक्षा गार्ड की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों उन कर्मचारियों की है जो बिना किसी बुनियादी ढांचे के काम करते हैं, सोसाइटी मेंबर्स के लिए एक छोटा सा निवेश (जैसे एक पंखा या ढका हुआ केबिन) उस गार्ड के जीवन को काफी आसान बना सकता है, मच्छरदानी का सहारा लेना इस बात का प्रमाण है कि इलाका मच्छरों से भरा है, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा ड्यूटी पर तैनात गार्ड के लिए हर समय बना रहता है, जैसा कि कहा गया है— “गरीबों के प्रति दया मर गई है, यह भविष्य में एक बड़े सामाजिक असंतुलन का कारण बन सकती है बिल्डरों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ड्यूटी प्वाइंट्स पर कम से कम बैठने और मच्छरों से बचाव की उचित व्यवस्था हो.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-17 16:11:17


Security Guard Life In India Reality: यह मुद्दा हमारे समाज के उस ‘दोहरेपन’ को दर्शाता है जहां हम सुरक्षा तो चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा देने वाले के प्रति सम्मान और दया भूल जाते हैं, यह केवल एक सुरक्षा गार्ड की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों उन कर्मचारियों की है जो बिना किसी बुनियादी ढांचे के काम करते हैं, सोसाइटी मेंबर्स के लिए एक छोटा सा निवेश (जैसे एक पंखा या ढका हुआ केबिन) उस गार्ड के जीवन को काफी आसान बना सकता है, मच्छरदानी का सहारा लेना इस बात का प्रमाण है कि इलाका मच्छरों से भरा है, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा ड्यूटी पर तैनात गार्ड के लिए हर समय बना रहता है, जैसा कि कहा गया है— “गरीबों के प्रति दया मर गई है, यह भविष्य में एक बड़े सामाजिक असंतुलन का कारण बन सकती है बिल्डरों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ड्यूटी प्वाइंट्स पर कम से कम बैठने और मच्छरों से बचाव की उचित व्यवस्था हो.

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