Shri Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस वर्ष 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का यह पर्व भक्तों के लिए आस्था और भक्ति से जुड़ा है, लेकिन ज्योतिष के लिहाज से भी इस बार की जन्माष्टमी को खास बताया जा रहा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन कई प्रमुख ग्रह मजबूत स्थिति में रहेंगे, जिससे कुछ राशियों के लिए समय बेहद शुभ हो सकता है. बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में, बृहस्पति कर्क राशि में और सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेंगे. वहीं शुक्र तुला राशि में रहेंगे. बुध भी अनुकूल स्थिति में होने से ग्रहों का यह संयोग कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है.
चंद्रमा और गुरु की मजबूत स्थिति बनाएगी खास संयोग
ज्योतिष के अनुसार, जन्माष्टमी पर चंद्रमा का वृषभ राशि में होना और गुरु का कर्क राशि में स्थित रहना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान, भाग्य और समृद्धि से जुड़े ग्रह हैं. इसके अलावा सूर्य का अपनी राशि सिंह में और शुक्र का अपनी राशि तुला में होना भी इस दिन को ज्योतिषीय दृष्टि से खास बनाता है. मंगल और शुक्र के बीच बनने वाला नवपंचम योग भी कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े शुभ संकेत दे सकता है. हालांकि, ग्रहों के प्रभाव को लेकर अलग-अलग ज्योतिषीय मत हो सकते हैं. इसलिए इसे निश्चित भविष्यवाणी के बजाय ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर देखना चाहिए.
वृषभ राशि
जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा आपकी राशि में उच्च स्थिति में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे आत्मविश्वास, मान-सम्मान और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं. लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं और धन से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने की संभावना है. निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है, हालांकि किसी भी निवेश का फैसला सोच-समझकर ही लेना चाहिए.
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह जन्माष्टमी विशेष मानी जा रही है. गुरु का कर्क राशि में होना और चंद्रमा की मजबूत स्थिति मिलकर शुभ प्रभाव दे सकती है. नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत मिल सकते हैं. कुछ लोगों को बेहतर नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है. कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ और परिवार में शुभ कार्य होने के योग बन सकते हैं.
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी सूर्य जन्माष्टमी के दिन अपनी ही राशि में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार इससे आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है. rसरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सहयोग मिलने की संभावना जताई जा रही है. उच्च अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर हो सकते हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है. पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ के संकेत बताए जा रहे हैं.
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए भी जन्माष्टमी का ग्रह संयोग शुभ माना जा रहा है. राशि स्वामी शुक्र का अपनी ही राशि में होना आर्थिक और भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है. कारोबार में नई डील या बड़ा अवसर मिल सकता है. कला, मीडिया, फैशन और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी समय अच्छा रह सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नए अवसर मिलने की संभावना है.
जन्माष्टमी पर करें ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री और पंजीरी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. पूजा में तुलसी दल शामिल करें और भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र का जाप करें. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप श्रद्धा के साथ किया जा सकता है. मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है.