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Home > बिज़नेस > शेयर बाजार से एलन मस्क को बड़ा झटका, एक दिन में 7 लाख करोड़ की गिरावट, 10 फीसदी तक गिरे शेयर्स

शेयर बाजार से एलन मस्क को बड़ा झटका, एक दिन में 7 लाख करोड़ की गिरावट, 10 फीसदी तक गिरे शेयर्स

Elon Musk Networth: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की संपत्ति पर काफी असर पड़ा है. उनकी संपत्ति में 7 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है.

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Published: November 6, 2026 13:18:04 IST
Last Updated: November 6, 2026 13:18:04 IST

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Elon Musk Networth: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. इसके कारण दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है. देखते ही देखते एलन मस्क की संपत्ति लगभग 7.1 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है. 05 नवंबर को टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयर्स तेजी से बिका, जिसके बाद एलन मस्क की इन दोनों कंपनियों के शेयर 9 से 11 फीसदी तक गिर गए. इसका असर मस्क की संपत्ति पर पड़ा और मस्क की संपत्ति लगभग 9 फीसदी तक गिर गई.

जानकारी के अनुसार, मस्क की नेटवर्थ में 79.7 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई, जो भारतीय रुपयों में लगभग 7.1 लाख करोड़ रुपये है. इसके बाद उनकी कुल संपत्ति घटकर 789 बिलियन डॉलर रह गई. 

एलन मस्क की कंपनियों के शेयर्स में कितनी गिरावट

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, एलन मस्क अब भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं लेकिन उनकी संपत्ति 789.5 बिलियन डॉलर रह गई है. फोर्ब्स की रिपोर्ट में भी मस्क की संपत्ति में लगभग 92.9 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. मस्क की संपत्ति में इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण उनकी मुख्य कंपनियों के शेयर्स में आई गिरावट है. रिपोर्ट्स की मानें, तो 5 नवंबर को टेस्ला का शेयर 10.77% गिरा. वहीं स्पेसएक्स के शेयर में 9.05% की गिरावट दर्ज की गई.

क्या रहा शेयर्स में गिरावट का कारण?

जानकारी के अनुसार, टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट की एक बड़ी वजह AI पर हो रहा भारी खर्च है. निवेशकों को चिंता है कि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जितना पैसा लगा रही हैं, उससे उन्हें उतना मुनाफा मिल पाएगा या नहीं. इसके अलावा, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद बड़ी टेक कंपनियों पर सरकार की निगरानी और जांच बढ़ने की आशंका है. इससे भी शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है.

निवेशकों को डर है कि AI डेटा सेंटर बनाने और चलाने के लिए आने वाले समय में कड़े नियम लागू हो सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो चिप बनाने वाली कंपनियों, सर्वर निर्माता, डेटा सेंटर चलाने वाली कंपनियों और बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट में भारत को राहत, ईरान ने 4 देशों के लिए बदले नियम, क्या अब आसान होगी तेल की सप्लाई?

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Published: November 6, 2026 13:18:04 IST
Last Updated: November 6, 2026 13:18:04 IST

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Elon Musk Networth: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. इसके कारण दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है. देखते ही देखते एलन मस्क की संपत्ति लगभग 7.1 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है. 05 नवंबर को टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयर्स तेजी से बिका, जिसके बाद एलन मस्क की इन दोनों कंपनियों के शेयर 9 से 11 फीसदी तक गिर गए. इसका असर मस्क की संपत्ति पर पड़ा और मस्क की संपत्ति लगभग 9 फीसदी तक गिर गई.

जानकारी के अनुसार, मस्क की नेटवर्थ में 79.7 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई, जो भारतीय रुपयों में लगभग 7.1 लाख करोड़ रुपये है. इसके बाद उनकी कुल संपत्ति घटकर 789 बिलियन डॉलर रह गई. 

एलन मस्क की कंपनियों के शेयर्स में कितनी गिरावट

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, एलन मस्क अब भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं लेकिन उनकी संपत्ति 789.5 बिलियन डॉलर रह गई है. फोर्ब्स की रिपोर्ट में भी मस्क की संपत्ति में लगभग 92.9 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. मस्क की संपत्ति में इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण उनकी मुख्य कंपनियों के शेयर्स में आई गिरावट है. रिपोर्ट्स की मानें, तो 5 नवंबर को टेस्ला का शेयर 10.77% गिरा. वहीं स्पेसएक्स के शेयर में 9.05% की गिरावट दर्ज की गई.

क्या रहा शेयर्स में गिरावट का कारण?

जानकारी के अनुसार, टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट की एक बड़ी वजह AI पर हो रहा भारी खर्च है. निवेशकों को चिंता है कि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जितना पैसा लगा रही हैं, उससे उन्हें उतना मुनाफा मिल पाएगा या नहीं. इसके अलावा, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद बड़ी टेक कंपनियों पर सरकार की निगरानी और जांच बढ़ने की आशंका है. इससे भी शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है.

निवेशकों को डर है कि AI डेटा सेंटर बनाने और चलाने के लिए आने वाले समय में कड़े नियम लागू हो सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो चिप बनाने वाली कंपनियों, सर्वर निर्माता, डेटा सेंटर चलाने वाली कंपनियों और बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है.

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