Bhavish Aggarwal Arrest Warrant: देश की जानी-मानी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाइक बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है. दरअसल, पूरा मामला यह है कि एक ग्राहक की इलेक्ट्रिक बाइक खराब हो गई थी. जिसकी रिपेयरिंग के लिए कंपनी में जमा करवाया गया. लेकिन अब उसका पता नहीं चल रहा है. इसी मामले में गोवा की उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने भाविश अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.
ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है.
Bhavish Aggarwal Arrest Warrant: देश की जानी-मानी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाओं से पहले ही जूझ रही कंपनी के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ एक और केस दर्ज किया गया है. गोवा की उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने ओला इलेक्ट्रिक से जुड़े एक मामले में कड़ा रुख अपनाया है और अरेस्ट वारंट जारी किया है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह मामला प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी हुई इलेक्ट्रिक बाइक रिपेयर के लिए ओला को दी गई थी, लेकिन अब वह गायब है. हैरानी की बात यह है कि ओला को पूरी कीमत चुकाने के बाद भी ग्राहक को न तो बाइक मिली है और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला है.
इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से इलेक्ट्रिक बाइक खरीदी थी. कुछ समय बाद बाइक में कुछ समस्या आने लगीं. जिसके बाद उन्होंने बाइक रिपेयरिंग के लिए ओला को दे दी. काफी समय बीत जाने के बाद भी बाइक रिपेयर होकर वापस नहीं आई और न ही कंपनी यह बता पाई कि वह कहां है?
गोवा के कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने 4 फरवरी, 2026 को जारी अपने ऑर्डर में कहा कि ओला ने ग्राहक से पूरी कीमत वसूलने के बाद बहुत लापरवाही वाला रवैया अपनाया है. कमीशन ने कंज्यूमर के प्रति कंपनी के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना और बेपरवाह माना. इसलिए कमीशन ने ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल को खुद पेश होकर बाइक के बारे में साफ जानकारी देने और यह बताने का निर्देश दिया कि इतने लंबे समय से इसे रिपेयर और डिलीवर क्यों नहीं किया गया.
जब कमीशन के ऑर्डर के बावजूद भाविश अग्रवाल पेश नहीं हुए तो कमीशन ने सख्त एक्शन लिया और बेंगलुरु पुलिस को उनके खिलाफ बेलेबल वारंट जारी करने का आदेश दिया. आदेश के मुताबिक, ₹1,47,499 की राशि का जमानीत वारंट एक समान जमानत के साथ जारी किया गया है. इस वारंट को बेंगलुरु के कोरमंगला में पते पर संबंधित पुलिस स्टेशन के माध्यम से तामील कराने का कहा गया है.
कमीशन ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी, 2026 को सुबह 10:30 बजे का समय दिया है. इस तारीख को ओला के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल को खुद पेश होना होगा. इसके बाद कमीशन उनकी सफाई और ओरल फाइनल दलीलें सुनेगा. यह मामला अब न सिर्फ कंज्यूमर राइट्स के लिए बल्कि बड़ी कंपनियों की अकाउंटेबिलिटी के लिए भी जरूरी माना जा रहा है.
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