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Home > बिज़नेस > बड़ी सैलरी, छोटी सोच? वायरल वीडियो में महिला ने बताया कैसे हाई सैलरी बन जाती है ‘फाइनेंशियल ट्रैप’

बड़ी सैलरी, छोटी सोच? वायरल वीडियो में महिला ने बताया कैसे हाई सैलरी बन जाती है ‘फाइनेंशियल ट्रैप’

Nidhi Kushwaha viral video: कुशवाहा के अनुसार, इससे आय की सुरक्षा का एक झूठा एहसास होता है. आम तौर पर ₹1 लाख की मासिक आय किराया, बिल, वीकेंड पर बाहर घूमने-फिरने, साल में एक या दो बार छुट्टियों पर जाने और रोजमर्रा की ज़्यादातर जरूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी होती है.

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Last Updated: July 12, 2026 18:52:25 IST

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Nidhi Kushwaha viral video: सालों से महीने में ₹1 लाख कमाना एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि माना जाता रहा है. लेकिन एक महिला की पोस्ट ने इस सोच को चुनौती दी है, उनका तर्क है कि 2026 तक यह आंकड़ा ‘सबसे बड़ा जाल’ बन जाएगा. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में निधि कुशवाहा ने कहा कि हालांकि महीने की ₹1 लाख की सैलरी आर्थिक सुकून देती है, लेकिन यह लोगों को आगे बढ़ने से भी रोक सकती है.

कुशवाहा के अनुसार, इससे आय की सुरक्षा का एक झूठा एहसास होता है. आम तौर पर ₹1 लाख की मासिक आय किराया, बिल, वीकेंड पर बाहर घूमने-फिरने, साल में एक या दो बार छुट्टियों पर जाने और रोजमर्रा की ज़्यादातर जरूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी होती है. हालांकि उनका मानना है कि 2026 में यह सैलरी लेवल ‘खतरनाक’ है. इसलिए नहीं कि यह बहुत कम है, बल्कि इसलिए कि यह आराम का ऐसा स्तर देता है जो लोगों को बड़े लक्ष्य हासिल करने से रोक सकता है.

उन्होंने कहा कि यह आराम धीरे-धीरे नए मौके तलाशने, करियर बदलने, बिज़नेस शुरू करने या सोच-समझकर जोखिम उठाने की इच्छा को कम कर सकता है। कुशवाहा ने बताया कि जब लोगों को लगता है कि उनकी ज़िंदगी “सेट” हो गई है, तो वे अक्सर यह सोचना बंद कर देते हैं कि वे और क्या हासिल करना चाहते हैं। उनके अनुसार, संतुष्टि की यह भावना चुपचाप पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को रोक सकती है, भले ही उन्हें उस समय इसका एहसास न हो।

वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा ‘हर महीने ₹1 लाख मिलने से सुरक्षा का एहसास होता है. असल में यही समस्या है. ज़्यादातर लोग सालों तक एक ही जगह अटके रहते हैं ऐसा काबिलियत की कमी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए होता है क्योंकि उन्हें कोई बेचैनी या चुनौती महसूस नहीं होती.’

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने कहा कि ₹1 लाख की कीमत अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी, खासकर बड़े शहरों में जहां रहने का खर्च बहुत ज्यादा है. जहां‌ कुछ लोगों का मानना था कि आरामदायक जिंदगी कभी-कभी इंसान को लापरवाह बना सकती है, वहीं दूसरों का तर्क था कि तरक्की का मतलब सिर्फ ज्यादा पैसे कमाना नहीं है और आर्थिक स्थिरता अपने आप में एक सार्थक लक्ष्य हो सकता है.

एक यूजर ने कमेंट किया ‘इंस्टाग्राम पर मिलने वाली हर सलाह पर ध्यान न दें, आपने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है. आपको इस पैसे का समझदारी से इस्तेमाल करने, इसे सही जगह निवेश करने और अपने प्रियजनों के साथ इसका आनंद लेने का पूरा अधिकार है’ एक और यूजर ने कहा, ‘जिंदगी में आगे बढ़ने का मतलब हमेशा पैसे के पीछे भागना नहीं होता’.

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Nidhi Kushwaha viral video: सालों से महीने में ₹1 लाख कमाना एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि माना जाता रहा है. लेकिन एक महिला की पोस्ट ने इस सोच को चुनौती दी है, उनका तर्क है कि 2026 तक यह आंकड़ा ‘सबसे बड़ा जाल’ बन जाएगा. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में निधि कुशवाहा ने कहा कि हालांकि महीने की ₹1 लाख की सैलरी आर्थिक सुकून देती है, लेकिन यह लोगों को आगे बढ़ने से भी रोक सकती है.

कुशवाहा के अनुसार, इससे आय की सुरक्षा का एक झूठा एहसास होता है. आम तौर पर ₹1 लाख की मासिक आय किराया, बिल, वीकेंड पर बाहर घूमने-फिरने, साल में एक या दो बार छुट्टियों पर जाने और रोजमर्रा की ज़्यादातर जरूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी होती है. हालांकि उनका मानना है कि 2026 में यह सैलरी लेवल ‘खतरनाक’ है. इसलिए नहीं कि यह बहुत कम है, बल्कि इसलिए कि यह आराम का ऐसा स्तर देता है जो लोगों को बड़े लक्ष्य हासिल करने से रोक सकता है.

उन्होंने कहा कि यह आराम धीरे-धीरे नए मौके तलाशने, करियर बदलने, बिज़नेस शुरू करने या सोच-समझकर जोखिम उठाने की इच्छा को कम कर सकता है। कुशवाहा ने बताया कि जब लोगों को लगता है कि उनकी ज़िंदगी “सेट” हो गई है, तो वे अक्सर यह सोचना बंद कर देते हैं कि वे और क्या हासिल करना चाहते हैं। उनके अनुसार, संतुष्टि की यह भावना चुपचाप पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को रोक सकती है, भले ही उन्हें उस समय इसका एहसास न हो।

वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा ‘हर महीने ₹1 लाख मिलने से सुरक्षा का एहसास होता है. असल में यही समस्या है. ज़्यादातर लोग सालों तक एक ही जगह अटके रहते हैं ऐसा काबिलियत की कमी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए होता है क्योंकि उन्हें कोई बेचैनी या चुनौती महसूस नहीं होती.’

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने कहा कि ₹1 लाख की कीमत अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी, खासकर बड़े शहरों में जहां रहने का खर्च बहुत ज्यादा है. जहां‌ कुछ लोगों का मानना था कि आरामदायक जिंदगी कभी-कभी इंसान को लापरवाह बना सकती है, वहीं दूसरों का तर्क था कि तरक्की का मतलब सिर्फ ज्यादा पैसे कमाना नहीं है और आर्थिक स्थिरता अपने आप में एक सार्थक लक्ष्य हो सकता है.

एक यूजर ने कमेंट किया ‘इंस्टाग्राम पर मिलने वाली हर सलाह पर ध्यान न दें, आपने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है. आपको इस पैसे का समझदारी से इस्तेमाल करने, इसे सही जगह निवेश करने और अपने प्रियजनों के साथ इसका आनंद लेने का पूरा अधिकार है’ एक और यूजर ने कहा, ‘जिंदगी में आगे बढ़ने का मतलब हमेशा पैसे के पीछे भागना नहीं होता’.

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